अधिकतम तापमान की वजह से दो दिन सूबे में दूसरे नंबर पर रही संगमनगरी रविवार को 44.6 डिग्री सेल्सियस के साथ तपिश में टॉप कर गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सबसे गर्म दिन होने की वजह से तपिश ने यहां नौ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
अधिकतम तापमान की वजह से दो दिन सूबे में दूसरे नंबर पर रही संगमनगरी रविवार को 44.6 डिग्री सेल्सियस के साथ तपिश में टॉप कर गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सबसे गर्म दिन होने की वजह से तपिश ने यहां नौ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले वर्ष 2017 में 20 अप्रैल को अधिकतम तापमान 45.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले सात दिन हीटवेव के आसार हैं। इस दौरान झुलसाने वाली गर्मी प्रभावी रहेगी।
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सूरज के तल्ख तेवर और हर दिन प्रचंड हो रही गर्मी की वजह से अधिकतर सड़कों पर शाम तक सन्नाटा पसरा रहा। 25 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ रात में भी तपिश प्रभावी रही। घर से बाहर निकले लोगों ने गर्मी से बचाव के तमाम उपाय किए लेकिन तेज धूप शरीर के खुले हिस्सों को झुलसाती रही। हीटवेव की वजह से लोगों का गला बार-बार सूखता रहा। दोपहिया वाहन सवार छांव की तलाश करते फिर संयत होने पर आगे बढ़ते।
लाल बत्ती की वजह से चौराहों पर रुके लोगों का हाल खराब हो रहा था। गर्मी ऐसी थी कि कार में एसी चलाकर बैठे लोगों को भी दिक्कत हो रही थी। वहीं, शहर के चौक, कटरा, कोठापार्चा, सिविल लाइंस में अक्षय तृतीया के मौके पर सराफा की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रात तक रही। दिन में तेज धूप और गर्मी के बाद भी लोग जेवरात खरीदने आते जाते रहे।
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बाजारों में दुकानों पर गमछा, टोपी, स्टोल आदि भी सजे रहे। जूस, शरबत, आम का पना ही नहीं, कोल्डड्रिंक की दुकानों और ठेलों पर गला तर करने वालों की संख्या अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक रही। मौसम वैज्ञानिक इविवि के डॉ. शैलेंद्र राय के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक हीटवेव प्रभावी रहने और इस भीषण गर्मी राहत न मिलने के आसार हैं। उन्होंने बताया कि इस बार संकेत मिल रहे हैं कि मानसून कमजोर रह सकता है।