Prayagraj: Strip in the eye, knife shot
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प्रयागराज। पुलिस भले ही मुठभेड़ में तीन बदमाशों को गोली लगने का दावा कर रही हो, हालांकि घायल बदमाशों की बातों को सच मानें तो मुठभेड़ हुई ही नहीं। एसआरएन अस्पताल में भर्ती दो बदमाशों का कहना है कि पुलिस ने एक दिन पहले ही दोपहर में उन्हें पकड़ा था। शुक्रवार भोर में सुनसान में ले जाकर आंख में पट्टी व पैर में बोरा बांधकर गोली मार दी।
अस्पताल में भर्ती गुलजार ने बताया कि पुलिस ने उन्हें बृहस्पतिवार दोपहर फाफामऊ बाईपास के पास से पकड़ा। बताया कि उसका बारूद उर्फ शाहआलम व शाह हुसैन, जो सगे भाई हैं, के साथ 1200 रुपयों को लेकर विवाद हो रहा था। इसी दौरान पहुंची पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद रात भर उन्हें पीटा गया। फिर भोर में लुसनपुर पुलिया के पास ले जाया गया जो सुनसान जगह थी। गाड़ी से नीचे उतारने के बाद पुलिस ने एक-एक करके तीनों की आंखों में पट्टी बांधी, फिर पैर में बोरा बांध दिया और गोली मार दी। उधर परिवारवाले भी पुलिस के मुठभेड़ के दावे को फर्जी बताते रहे।
भोर में मुठभेड़, फिर भी सटीक निशाना
सोरांव में हुई मुठभेड़ में एक खास बात यह है कि घटना भोर में होने के बावजूद पुलिसकर्र्मियों का निशाना एकदम सटीक बैठा। पुलिस ने घटना का समय 4.22 बताया है जिस वक्त पूरी तरह से रोशनी भी नहीं होती। इसके बावजूद मुठभेड़ के दौरान तीनों बदमाशों को पैर में गोली लगी जिसे लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं।