विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर पिछले 17-19 मार्च को हुई हड़ताल में शामिल संविदा कर्मचारियों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है। संविदा कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली कंपनियों ने इनकी सूची बनानी शुरू कर दी है। डिस्कॉम प्रबंधन के आदेश पर इन कर्मचारियों को बर्खास्त करने की तैयारी है। कंपनियों की ओर से अबतक लगभग 120 संविदाकर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है।
कंपनियों ने हड़ताल में शामिल रहने वाले संविदाकर्मी व एसएसओ (सब स्टेशन ऑपरेटर) की लिस्ट भी तैयार कर ली है। हड़ताली संविदाकर्मियों की सेवा समाप्त किए जाने की सूचना पर कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। कई कर्मचारियों ने लिस्ट से अपना नाम कटवाने के लिए पैरवी करना भी शुरू कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक विभाग में संविदाकर्मियों की नई भर्ती की तैयारी भी शुरू है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर 17 मार्च से 72 घंटे की हड़ताल हुई थी। इसमें संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी, बिजली कर्मचारी व संविदाकर्मी भी शामिल हुए थे। हड़ताल से पूरे शहर में बिजली-पानी को लेकर हाहाकार मच गया था। इस दौरान ही बिजली विभाग के शीर्ष प्रबंधन के अधिकारियों ने संविदाकर्मियों से काम पर वापस लौटने की अपील और न आने की स्थिति में कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी।