बेटे मयंक को लखनऊ कैंट से दिलाना चाहती हैं टिकट
अब अगले माह होने वाले विधानसभा चुनाव में रीता को उम्मीद है कि पार्टी उनके पुत्र के नाम पर विचार करेगी, लेकिन इस बीच डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा के उक्त सीट से चुनाव लड़ने की खबर सुर्खियों में है। डॉ. दिनेश शर्मा का नाम सामने के बाद सपा में इस बात की चर्चा ज्यादा है कि रीता बहुगुणा जोशी अपने बेटे को साइकिल की सवारी करवा सकती हैं।
उधर सांसद रीता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के लिए दिल्ली पहुंच गईं हैं। रीता के मीडिया प्रभारी अभिषेक शुक्ला का कहना है कि सांसद को लेकर जो बातें सामने आई हैं, वह महज अफवाह है। अभिषेक के अनुसार सांसद का राष्ट्रीय नेतृत्व में पूर्ण विश्वास है। रही बात मयंक जोशी के टिकट को लेकर तो रीता जोशी का पूरा परिवार राजनीति से ही जुड़ा है। ऐसे में टिकट मांगना उनका अधिकार है।
केशरी को केशव पर पूरा भरोसा
उधर सांसद फूलपुर केशरी देवी पटेल ने भी अपने पुत्र दीपक पटेल के लिए करछना से टिकट दिए जाने की मांग की है। केशरी का मानना है कि दीपक पटेल कई वर्षों से राजनीति में सक्रिय हैं। महज 25 वर्ष की आयु में दीपक पहली बार बसपा के टिकट पर करछना से विधायक भी बन चुके हैं।
करछना क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ भी है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर भी उन्हें पूरा भरोसा है। हालांकि विपक्षी दलों की ओर से लगातार यही कहा जा रहा है कि अगर भाजपा ने दीपक पर भरोसा न जताया तो केशरी कोई बड़ा कदम उठा सकती हैं। हालांकि दीपक पटेल ने स्पष्ट किया है कि वह भाजपा में ही हैं और भाजपा में ही रहेंगे।
नंदी की त्वरित प्रक्रिया से भी चर्चाओं का बाजार गर्म
बसपा, कांग्रेस आदि दलों में रह चुके कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी द्वारा कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और उसके बाद दारा सिंह चौहान द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद जिस तरह से त्वरित टिप्पणी की गई उसके राजनीतिक हलके में तमाम मायने निकाले जा रहे हैं।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि नंदी यह जानते हैं कि उन्हें कब क्या करना है। बीते कुछ माह से वह खुद को प्रदेश के बड़े वैश्य नेताओं में शामिल करने की नीति पर काम कर रहे हैं। इसी वजह से कानपुर में आठ जनवरी को उन्होंने ‘आगाज ’ कार्यक्रम करवाया। उनकी तैयारी विधानसभा चुनाव में अपने कुछ करीबियों को टिकट दिलवाने की है।