कोरोना पॉजिटिव पाए गए तीनों लोगों को स्वाब नमूना लेकर घर भेजना कोविड-19 नियंत्रण अभियान के दौरान बड़ी चूक मानी जा रही है। साफ है बीते 48 घंटों में तीनों संक्रमित मरीज उन लोगों के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं, जो उनके संपर्क में आए। ऐसे में मरीजों के परिवारीजनों के कोरोना संक्रमित होने का अंदेशा है।
स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के मुताबिक शंकरगढ़ निवासी दोनों युवकों के दो दिन पहले नमूने जांच को लिए गए थे। वहीं शंकरघाट निवासी युवक का नमूना 23 अप्रैल को लिया गया था। तीनों को क्वारंटीन सेंटर में न रखकर घर भेज दिया गया है। जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग ने शंकरगढ़ में युवक के साथ आने वाले छह लोगों को एक स्कूल में क्वारंटीन किया है, लेकिन युवकों के संक्रमित होने के बाद माना जा रहा है कि शंकरगढ़ के दस या बीस नहीं बल्कि दो सौ से अधिक लोगों को क्वारंटीन कर लक्षणों के आधार पर कोरोना की जांच कराई जा सकती है।
इसी तरह शंकरघाट तेलियरगंज निवासी युवक में कोरोना संक्रमण की पुष्टि के बाद उसके रिश्तेदार घबराए हैं। घर वालों को क्वारंटीन कर रिश्तेदारों की तलाश जारी है। स्वास्थ्य विभाग की यह चूक कोरोना मुक्त हो चुके जिले को लॉकडाउन में मिलने वाली राहतों पर भारी पड़ सकती है।