आंचलिक विज्ञान नगरी, लखनऊ की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में विज्ञान को लोकप्रिय बनाने तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी में हो रहे विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक सचल विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन प्रयागराज के विभिन्न विद्यालयों में किया जा रहा है।
आंचलिक विज्ञान नगरी, लखनऊ की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में विज्ञान को लोकप्रिय बनाने तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी में हो रहे विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक सचल विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन प्रयागराज के विभिन्न विद्यालयों में किया जा रहा है। सचल विज्ञान प्रदर्शनी बस में "दैनिक जीवन में मशीनें" विषय पर 20 स्वचालित व हस्त चालित प्रदर्श लगे हुए हैं, जिनका आनंद स्कूली विद्यार्थीगण उठा सकते हैं।
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इस प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों को विज्ञान आधारित फिल्म तथा विज्ञान व्याख्यान प्रदर्शन भी आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदर्शनी के माध्यम से दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाली सरल मशीनों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया है। वास्तव में प्रतिदिन होने वाले जटिल कार्यों को सरल मशीनों के प्रयोग से अत्यंत कम समय में और आसानी से सम्पूर्ण किया जा सकता है। आज मानव द्वारा कृषि, औद्योगिक और विकास के क्षेत्र में विविध प्रकार की मशीनों का प्रयोग कर के जटिल कार्यों को आसानी से सम्पादित कर विकास कार्यों में योगदान किया जा रहा है।
इसके तहत प्रदर्शनी का आयोजन गंगा गुरुकुलम विद्या मंदिर शांतिपुरम फाफामऊ में किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों के साथ विद्यालय के प्रधानाचार्य माधुरी श्रीवास्तव के साथ ही विद्यालय के संयोजकगण, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा प्रदर्शनों का लाभ उठाया। आंचलिक विज्ञान नगरी, लखनऊ से आई टीम के प्रमुख आशु (विज्ञान संचारक), रमेश कुमार सरोज ने छात्र/छात्राओं को विज्ञान से संबंधित अनेक प्रयोग/व्याख्यान दिखाकर विज्ञान के कई सिद्धांतों को बड़े ही सरल तरीके से समझाया।
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विज्ञान प्रदर्शनी के आयोजन से ग्रामीण समुदायों, विशेषकर स्कूली बच्चों एवं शिक्षकों में निश्चित ही विज्ञान के प्रति रुचि एवं जिज्ञासा जागृत करने की भावना का प्रचार एवं प्रसार होगा। इस प्रदर्शनी के आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने के साथ ही उनके अन्दर वैज्ञानिक सोच उत्पन्न करना है।