अयोध्या के दीपोत्सव की शोभा बनेंगे प्रयागराज के राम
-राम की पैड़ी पर स्थापित होगी भगवान राम की आदमकद,दीपोत्सव को यादगार बनाने की दिशा में कदम
-हनुमान की भी दो प्रतिमाएं स्थापित होंगी, सीएम योगी करेंगे अनावरण
अनूप ओझा
प्रयागराज। अयोध्या के दीपोत्सव में इस बार प्रयागराज में गढ़ी गई भगवान राम की प्रतिमा के दर्शन होंगे। इस मौके को खास बनाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार धनुर्धर मुद्रा में भगवान राम की प्रतिमा स्थापित करने जा रही है। रामलला की जन्मभूमि पर दीपोत्सव से दो दिन पहले ही यह प्रतिमा देश-दुनिया के श्रद्धालुओं-संतों के लिए आस्था का केंद्र बन जाएगी। भगवान राम के साथ ही हनुमान की वहां दो प्रतिमाएं लगेंगी। इसमें एक स्वरूप में सीना चीरकर हृदय में राम -सीता को दिखाते और दूसरे में कंधे पर राम-लक्ष्मण को उठाए हनुमान के दर्शन होंगे। राम की पैड़ी पर इन प्रतिमाओं को स्थापित किया जाएगा। 24 अक्तूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दीप जलाकर राम और हनुमान की प्रतिमाओं का अनावरण करेंगे।
ज्योतिपर्व पर योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से अयोध्या में मनाए जाने वाले दीपोत्सव में प्रयागराज के तराशे हुए राम के दर्शन होंगे। ललित कला अकादमी और अयोध्या शोध संस्थान की ओर से राम और हनुमान की प्रतिमाओं को गढ़ने का जिम्मा प्रयागराज की संस्था आकृति आर्ट्स को सौंपा गया है। आकृति आर्ट्स के निदेशक राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि भगवान राम और हनुमान की प्रतिमाएं तैयार कर ली गई हैं। दोनों प्रतिमाओं को विशेष वाहन अयोध्या ले जाया जाएगा। पांच दिवसीय दीपोत्सव शुरू होने से पहले 22 अक्तूबर को राम की पैड़ी पर राम और हनुमान की प्रतिमाएं स्थापित कर दी जाएंगी। राम और हनुमान की इन प्रतिमाओं की विशेषता है कि इन बारिश या पानी का दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा। आंधी के दौरान टूटने का भी खतरा नहीं होगा। इसलिए कि फाइवर की यह प्रतिमाएं ‘ऑल वेदर प्रूफ’ बनाई गई हैं। आटोमोबाइल कलर होने की वजह से करीब दो दशक तक रंग भी फीका नहीं पड़ेगा।
इनसेट
18 फीट उंची राम की प्रतिमा
प्रयागराज। भगवान राम की 18 फीट ऊंची प्रतिमा तैयार की गई है। प्रतिमा वन गमन स्वरूप पर आधारित गढ़ी गई है। राम तपस्वी वेश में नंगे पांव खड़े नजर आएंगे। जबकि हनुमान की दोनों प्रतिमाएं 20-20 फीट की बनाई गई हैं।
कोट
इस प्रतिमा को 50 मूर्तिकारों ने मिलकर 35 दिन में तैयार किया है। रसूलपुर(शास्त्रीनगर) में इस प्रतिमा को दिन रात लगातार काम कर गढ़ा गया। इसके साथ दीपोत्सव की शुरुआत करने के लिए डिजाइनर दिया भी बनाया गया है। राकेश वर्मा, आकृति आर्ट्स, प्रयागराज।