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सीजेआई गोगोई को कुंभ में खींच लाई थी प्रयागराज की महत्ता

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Prayagraj's importance brought CJI Gogoi to Kumbh - फोटो : CITY DESK
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प्रयागराज। मुख्य न्यायाधीश तरुण रंजन गोगोई का शुक्रवार को कार्यकाल का अंतिम दिन रहा। आज वह सेवानिवृत्त हो जाएंगे। गोगोई के कार्यकाल में चर्चित कई अहम फैसले हुए, जिसमें अयोध्या प्रकरण भी शामिल है। लेकिन, मुख्य न्यायाधीश का संबंध संगम नगरी से भी रहा। कुंभ के दौरान गोगाई प्रयागराज आए थे और सेवानिवृत्ति के दिन उनके आगमन से जुड़ीं तमाम यादें लोगों के जेहन में ताजा हो गई हैं।
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त्रिवेणी बांध स्थित लेटे हुए हनुमान मंदिर के व्यवस्थापक योगगुरु स्वामी आनंद गिरि ने उनकी प्रयागराज यात्रा की यादें साझा कीं। कहा, कुंभ के दौरान वह पत्नी संग ‘लेटे हुए हनुमान जी’ का दर्शन-पूजन करने आए थे। पूरी आस्था के साथ उनके दर्शन पूजन के बाद उन्होंने मंदिर के बारे में जानकारी ली। उन्हें बताया गया था कि हनुमान जी का यह मंदिर सिद्ध है। बाद में उन्होंने मंदिर की विजिटर्स बुक में अपने उद्गार व्यक्त किए। जिसमें उन्होंने लिखा कि प्रयागराज आकर वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
विदा होने से पूर्व उन्हें प्रसाद के साथ लेटे हुए हनुमान जी का चित्र भेंट किया गया था। गोगोई ने धर्म क्षेत्र में प्रयागराज के अहम स्थान और ऐतिहासिक स्वरूप को भी जाना था। इसके अलावा उन्होंने कुंभ की भव्यता और इसकी महत्ता के बारे में देखा-सुना था। वैसे तो कुंभ के दौरान देश-विदेश से तमाम विशिष्टगण आए लेकिन देश के मुख्य न्यायाधीश का आना विशेष रहा। ऐसे मौके बहुत कम आते हैं। दुनिया के सबसे बड़े आयोजन कुंभ में में आकर गोगोई ने हमेशा के लिए गहरा नाता प्रयागराज से जोड़ लिया।
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