कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रति ग्रामीणों का आक्रोश इस कदर था कि उसकी जद में पुलिस वाले भी आ गए। जिस वक्त ग्रामीण कंस्ट्रक्शन में घुसकर तोड़फोड़ एवं मारपीट कर रहे थे, उस वक्त औद्योगिक क्षेत्र थाने के दो सिपाही विजय शंकर यादव व रामानंद यादव से भिड़ गए । दोनों सिपाहियों से हाथापाई की और उनके चश्मे एवं गाड़ी तोड़ दी। भीड़ के गुस्से का शिकार हुए दोनों सिपाही किसी तरह से जान बचाकर वहां से भागे और आला अधिकारियों को सूचना दी। उसके बाद मौके पर औद्योगिक क्षेत्र पुलिस पहुंची, तब जाकर माहौल शांत हुआ।
खुले नाले और पतंगबाजी बंद कराने की उठी मांग
नैनी (ब्यूरो)। पूरा पांडेय अजवईयां गांव के ग्रामीणों का कहना था कि कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा करीब 15-15 फीट गहरे नाले बनाए गए हैं और उसमें छह फीट पानी भरा है, लेकिन इन नालों को पूरी तरह से ढका नहीं गया है। हर 20 फीट पर नाला खुला हुआ है, जो बहुत खतरनाक है लेकिन कंपनी वाले ध्यान नहीं देते। ग्रामीणों के मुताबिक गांव के सामने खाली पड़ी सरस्वती हाईटेक सिटी की जमीन पर प्रतिदिन और खासकर छुट्टी के दिन दर्जनों की संख्या में पतंगबाज आते हैं और सट्टा लगाकर पतंगबाजी होती है। गांव के छोटे-छोटे बच्चे वहीं पतंग लूटने के चक्कर में नाला पार करके जाते हैं।
पांच साल तक जिस बेटे के लिए पूजे पत्थर, उसी को ऊपर वाले ने छीना
नैनी (ब्यूरो)। लाल जी और आरती की शादी के करीब 12 साल हो चुके हैं। गांव के लोगों ने बताया कि करीब पांच साल तक उनके कोई संतान हीं नहीं हो रही थी। काफी दवा और दुआ के बाद कृष्णा पैदा हुआ था, जो मां-बाप के साथ-साथ पूरे परिवार का काफी दुलारा था। आज जब आरती और लाल जी अपने कलेजे के टुकड़े को दोपहर में ढूंढ रहे थे, तो लगातार अपने उसी आराधक का नाम जप रहे थे, जिसकी पूजा अर्चना से कृष्णा पैदा हुआ था। उन्हें भरोसा था कि उनका बेटा जहां भी होगा सुरक्षित होगा लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा हुआ नहीं। जब गांव के लोगों ने कृष्णा के शव को नाले से निकाला तो मां आरती, उसकी सास, ननद सब दहाड़ मारकर उस मासूम से लिपट गईं। वह गमगीन माहौल देखकर वहां मौजूद गैरों की भी आंखे नम हो गईं।
15 फीट गहरे नाले को पूरी तरह से नहीं ढका गया है, जो लापरवाही है। उस पर ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा लिखा जाएगा। परिजनों को फिलहाल 50 हजार की आर्थिक मदद दी गई है। दो लाख रुपए सोमवार को और दिए जाएंगे। इसके अलावा कंपनी के अधिकारियों को बुलाया गया है। उनसे भी मदद दिलाई जाएगी। मां-बाप को आवासीय पट्टा भी दिया जाएगा। रत्नप्रिया त्रिपाठी
एसडीएम करछना।