4.50 किमी की दूरी पर होगा हाईकोर्ट
पद्म आवास योजना से हाईकोर्ट महज 4.50 किमी की दूरी पर होगा। वहीं, प्रयागराज जंक्शन की दूरी चार किमी व सिविल लाइंस बस अड्डे की दूरी छह किमी होगी। एयरपोर्ट आठ किमी की दूरी पर पड़ेगा और सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन ढाई किमी दूर होगा।
ग्रुप हाउसिंग के लिए आम लोगों से लिया गया था सुझाव
ग्रुप हाउसिंग में किस तरह के आवास चाहिए, इसके लिए पीडीए ने आम लोगों से सुझाव आमंत्रित किए थे। पीडीए ने तीन विकल्प दिए थे जिनमें वन-बीएचके, टू-बीएचके और थ्री-बीएचके के फ्लैट शामिल थे। एक हजार से अधिक लोगों ने सुझाव दिए थे। 70 फीसदी लोगों ने टू-बीएचके फ्लैट को वरीयता दी थी। इसके आधार पर पीडीए ने 602-बीएचके फ्लैट बनाने का निर्णय लिया।
परियोजना में आधुनिक विशेषताएं एवं नवाचार
- सौर पैनलों के माध्यम से स्वच्छ व नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग
- वैज्ञानिक रूप से विकसित वर्षा जल निकासी
- सुव्यवस्थित पार्किंग स्थान व बेहतर यातायात प्रबंधन
- भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए वर्षा जल संचयन प्रणाली
- उच्च गुणवत्ता वाली आधुनिक शियर वॉल तकनीक
- 350 केएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
- सुरक्षित व छायादार पैदल यात्री अनुकूल पथ
- दिव्यांगजन अनुकूल परिसर
- सामुदायिक भवन एवं वाणिज्यिक परिसर
- स्वास्थ्य, मनोरंजन व सामुदायिक उपयोग के लिए स्विमिंग पूल
चकिया के कसारी मसारी में पद्म आवास योजना को हरी झंडी मिल गई है। इस जमीन पर अतीक और उसके गुर्गों का कब्जा था। मुक्त कराई गई इस जमीन पर आधुनिक ग्रुप हाउसिंग परियोजना प्रस्तावित की गई थी। रेरा से मंजूरी मिलने के बाद अब जल्द ही निर्माण शुरू कराया जाएगा। - ऋषि राज, उपाध्यक्ष्र, प्रयागराज विकास प्राधिकरण