नई फास्ट मेमू ट्रेन से यात्रियों का सफर आसान होने की उम्मीद थी, लेकिन रामबाग स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार की कम ऊंचाई परेशानी का सबब बन गई है। बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार यात्रियों के लिए ट्रेन में चढ़ना-उतरना चुनौती बना हुआ है।
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पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से बनारस और प्रयागराज रामबाग के बीच नई फास्ट मेमू ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्रियों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है, लेकिन रामबाग स्टेशन का प्लेटफार्म नंबर चार यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। इस प्लेटफार्म की ऊंचाई काफी कम होने के कारण ट्रेन में चढ़ना और उतरना किसी चुनौती से कम नहीं है। ट्रेन के दरवाजे और प्लेटफार्म के बीच ऊंचाई का बड़ा अंतर होने से यात्रियों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
सबसे ज्यादा दुश्वारी महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों, बीमार और शारीरिक रूप से कमजोर यात्रियों को उठानी पड़ रही है। कई बार ट्रेन में चढ़ते-उतरते समय संतुलन बिगड़ने और पैर फिसलने का खतरा बना रहता है। बनारस से आने वाली ट्रेन भी इसी प्लेटफार्म पर खड़ी होती है। ऐसे में यात्रियों की परेशानी केवल एक दिशा तक सीमित नहीं है। नई ट्रेन सेवा से मिली सहूलियत पर प्लेटफार्म की कम ऊंचाई भारी पड़ रही है। रेलवे को यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के मद्देनजर प्लेटफार्म की ऊंचाई दुरुस्त कराने की जरूरत है।