संपत्तियों की जानकारी जुटाने में जुटी पुलिस
खास बात यह है कि इनके खिलाफ चार्जशीट लगने को काफी वक्त बीत चुका है, इसके बावजूद उनकी संपत्तियों पर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। इसी तरह बच्चा पासी व दिलीप मिश्र गिरोह के भी कई गुर्गों के भी आर्थिक साम्राज्य पर चोट नहीं पहुंचाई जा सकी है। हालांकि अब माफिया के इन्हीं करीबियों पर पुलिस की नजर है। ऐसे एक दर्जन नामों की सूची तैयार की गई है, जिनकी कुछ संपत्तियों के बारे में पुलिस ने पता लगाया है और अन्य के संबंध में जानकारी जुटाने का क्रम जारी है।
सूत्रों का कहना है कि जल्द उच्चाधिकारियों के माध्यम से इन संपत्तियों को कुर्ककरने की अनुमति मांगने संबंधी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी। एसपी क्राइम सतीश चंद्र ने बताया कि गैंगस्टर के जो भी मुकदमे लंबित हैं, उनकी समीक्षा की जा रही है। चुनाव के मद्देनजर इन मामलों में और तेजी से कार्रवाई केनिर्देश दिए गए हैं।
चार हिस्ट्रीशीटरों के पास अब भी शस्त्र लाइसेंस
चुनाव के मद्देनजर चिह्नित अपराधियों पर दर्ज मामलों, उन पर हुई कार्रवाई की समीक्षा के दौरान ही चौंकाने वाली जानकारी भी सामने आई है। पता चला है कि जिले में चार हिस्ट्रीशीटर हैं जिनके पास अब भी शस्त्र लाइसेंस है। एसपी क्राइम ने बताया कि यह सभी अलग-अलग थानों से संबंधित मामले हैं। फिलहाल इन चारों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट भेजी गई है।