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प्रयागराजः पुलिस के हाथ नहीं आया प्रधानाचार्य एवं लिव इन पार्टनर का मोबाइल फोन

Tue, 28 May 2019 12:29 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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dhoomanganj - फोटो : प्रयागराज
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प्रीतमनगर में प्रधानाचार्य एवं उनकी लिव इन पाटर्नर की मौत की गुत्थी दिनों-दिन उलझती जा रही है। पुलिस भी आत्महत्या और हत्या के बीच ही झूल रही है। उनकी मौत के चार दिन बाद भी अहम सुराग के तौर पर काम आ सकने वाले दोनों के मोबाइल पुलिस के हाथ नहीं लग सके जबकि बताया जा रहा कि प्रमोद के पास एक एनाड्रयड फोन के अलावा कुल तीन नंबर थे जबकि राखी भी दो नंबरों का इस्तेमाल करती थी। पुलिस अब दोनों के मोबाइल तलाशने के साथ ही दोनों के फोन नंबरों की कॉल डिटेल्स निकाल रही है। पुलिस को उम्मीद है इनके जरिए क्राइम सीन समझने में आसानी हो सकती है। 
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धूमनगंज के प्रीतमनगर स्थित एडीए कॉलोनी में शुक्रवार, दोपहर कौशांबी में तैनात प्रधानाचार्य प्रमोद चौधरी एवं उनकी लिव इन पार्टनर राखी की गोली लगने से मौत हो गई थी। शुरूआत में दोनों की मौत को आत्महत्या माना जा रहा था लेकिन दूसरे दिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके की स्थितियों ने पुलिस को बुरी तरह उलझा दिया। प्रमोद के भाई अनिल चौधरी की तहरीर पर पुलिस ने हत्या के आरोप में रिपोर्ट भी दर्ज कर ली।

सोमवार को भी पुलिस प्रमोद के घर के पश्चिमी दिशा में लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगालने पहुंची। इंस्पेक्टर जेपी शर्मा की मौजूदगी में पुलिस काफी देर तक माथा पच्ची करती रही लेकिन काफी दूर कैमरा लगा होने से फुटेज से कोई भी अहम जानकारी सामने नहीं आई। फुटेज में सिर्फ एक लड़का घर के भीतर जाते एवं कुछ देर बाद प्रमोद की बेटी और दामाद बाहर जाते हुए दिखलाई पड़ते हैं। उसके बाद कोई भी गतिविधि नजर नहीं आती।
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पुलिस का भी मानना है कि सामने के गेट से इस इरादे के साथ आने वाले व्यक्ति की संभावना बेहद कम है। प्रमोद का घर संकरी गली में है। सड़क तक आने में कम से कम पांच-आठ मिनट का समय लगता है लेकिन उसके घर के आसपास की छतें न सिर्फ आपस में मिली हैं, बल्कि खुली भी हुई हैं। छत से ही पीछे जाने का भी एक रास्ता खुला हुआ है। पुलिस इन सभी बिन्दूओं पर पड़ताल कर रही है। उधर, धूमनगंज इंस्पेक्टर जयप्रकाश शर्मा का कहना है प्रधानाचार्य के परिजनों से पूछताछ की गई लेकिन उन्होंने कोई नई बात नहीं बताई। सभी के मोबाइल नंबरों के सीडीआर-लोकेशन ट्रेस की जा रही है, उसकी भी पड़ताल कराई जाएगी।

अभी तक किसी के पास नहीं इन सवालों के जवाब- 
0  प्रमोद के परिजनों के मुताबिक वे दाएं हाथ से लिखते थे, ऐसे में बाएं हाथ से तमंचे का चलाया जाना गले से नहीं उतरता। 
प्रमोद को लगी गोली उनका बाएं फेफड़ा चीरते हुए सीधे बाहर निकल गई।
0 विशेषज्ञों के मुताबिक अमूमन आत्महत्या करने वाला व्यक्ति सीधे अपनी कनपटी पर निशाना बनता है। अगर सीने पर तमंचे से गोली चलना होगा तब गोली साइड से चलेगी लेकिन प्रमोद को गोली सेंटर टू लेफ्ट में लगी है। 
0 गोली राखी ने चलाई लेकिन उसका शव कुर्सी पर निढाल हाल में पड़ा मिला। उसके शव से काफी दूर तमंचा पड़ा हुआ था।
0 राखी के सिर की हड्डियां टूटी हुई थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सिर में चोट लगते ही वह कोमा में चली गई, ऐसे में सवाल उठता है कि कोमा में जाने के बाद उसे गोली मारी गई या फिर गोली मारने के बाद उस पर किसी रॉड से प्रहार किया गया।
0 प्रमोद के सिर पर भी गहरी चोट मिली है। उसके शरीर में भी फैक्चर मिला है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी भारी चीज उठाकर महिला किसी को इतनी बड़ी चोट नहीं पहुंचा सकती। 
0 प्रमोद के घर में खाना बनाने के लिए महिला काम पर आती थी, विवाद से थोड़ी देर पहले ही वह खाना बनाकर गई थी लेकिन अभी तक वह भी सामने नहीं आई है।

गली में पहले हो चुकीं चार बड़ी वारदात
जिस गली में प्रमोद चौधरी का घर है, उसी गली में कुछ वर्षों के भीतर ही चार बड़ी वारदातें हो चुकीं हैं। प्रमोद के घर के पास में रहने वाले पहले एक ससुर ने अपनी बहू को गोली से उड़ा दिया था। वर्ष 2018 में प्रमोद के घर के आगे रहने वाले युवक की मुंबई में रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसी तरह गली में ही दो युवक एक के बाद एक आत्महत्या कर चुके हैं। इसके बाद अब प्रमोद चौधरी की मौत से पूरी गली के लोग स्तब्ध हैं। पड़ोसियों का कहना है कि प्रमोद सिर्फ अपने काम से काम रखते थे, किसी से बहुत ज्यादा बात करना उनको पसंद नहीं था लेकिन वह शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। राखी हमेशा घर में रहती थी, बाहर वह पड़ोसियों से भी बात नहीं करती थी हालांकि प्रमोद के जुड़वा बेटे खासी शाहखर्ची से रहते थे। बड़े बेटे को प्रमोद ने कुछ समय पहले काफी मंहगी बुलेट भी दिलाई थी।   

पुलिस राखी क ी भूमिका भी तलाश रही है। एक अस्पताल में नर्स का काम करने वाली राखी कुछ माह से ही प्रमोद के साथ रह रही थी। प्रमोद को उसने खुद को यादव बताया था जबकि वह पटेल जाति से संबंधित थी। राखी के परिवार के लोग भी उससे बहुत खुश नहीं रहते थे। वह उसका शव ले जाने के लिए भी राजी नहीं थे। पुलिस के मुताबिक जल्द ही राखी के परिजनों से भी पूछताछ की जाएगी। प्रधानाचार्य प्रमोद चौधरी के बेटे एवं पुत्री घर में ताला बंद करके कौशांबी स्थित सराय अकिल के कनैली गांव चले गए हैं। पुलिस आज जब वहां पहुंची तब घर के बाहर ताला लटक रहा था।  
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