पूर्व एसएसपी अभिषेक दीक्षित के कार्यकाल में नियुक्ति पाने वाले लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। रविवार को ऐसे ही तीन पुलिसकर्मियों को उनकी वर्तमान तैनाती से हटा दिया गया। इनमें नैनी इंस्पेक्टर राजकिशोर समेत तीन पुलिसकर्मी शामिल हैं। तीनों को लाइन भेज दिया गया है।
जिन तीन पुलिसकर्मियों को रविवार को लाइन हाजिर किया गया, उनमें नैनी इंस्पेक्टर राजकिशोर, अरैल चौकी प्रभारी धीरेंद्र सिंह व नैनी कस्बा चौकी प्रभारी राकेश राय शामिल हैं। पुलिस की ओर से बताया गया कि तीनों को कार्य में अनियमितता, लापरवाही व कानून व्यवस्था में शिथिल नियंत्रण पर हटाया गया। बता दें कि पूर्व एसएसपी अभिषेक दीक्षित के कार्यकाल में जिन इंस्पेक्टरों की बतौर प्रभारी तैनाती खासा चर्चा में रही, उनमें राजकिशेार भी शामिल थे।
करीब साल भर पहले उन्हें जोन कार्यालय से गैर जनपद स्थानांतरित किया गया था। पूर्व में भी कई गंभीर मामलों में उनकी ओर से लापरवाही बरते जाने की बात सामने आई थी। मऊआइमा में उनके कार्यकाल में हुई एक मुठभेड़ भी खासा चर्चा में रही, जिसमें गिरफ्तार बदमाश इश्तियाक के कब्जे से बिना ट्रिगर वाला तमंचा बरामद किया गया था। पुलिस का दावा था कि यह बदमाश बैंक मैनेजर अनिल कुमार दोहरे हत्याकांड में शामिल था, जिसे मुठभेड़ में पकड़ा गया। लेकिन बिना ट्रिगर वाले तमंचे की बरामदगी ने दावों पर ही सवालिया निशान खड़े कर दिए थे।
इससे पहले थरवई में बतौर प्रभारी तैनाती के दौरान खुलासे की जल्दबाजी में उन्होंने दोहरे हत्याकांड में दीवान के निर्दोष बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में पता चला कि हत्याकांड को स्मैक के लती गिरोह ने लूट की नीयत से अंजाम दिया था जिसके बाद दीवान के बेटे को निर्दोष करार दिया गया। नैनी में तैनाती के साथ ही उन पर कई अन्य तरह के भी आरोप लगे।
यह भी चर्चा रही कि आवास होने के बावजूद उन्हें नैनी में पोस्टिंग दी गई। इसी तरह कस्बा चौकी प्रभारी राकेश राय को भी नियमविरुद्ध तरीके से तैनाती दी गई। नैनी मेें यह उनकी दोबारा तैनाती थी जबकि रीपोस्टिंग पर मुख्यालय स्तर से रोक है। इसके अलावा अरैल चौकी भ्प्रभारी धीरेंद्र सिंह का भी आवास नैनी में होने के बावजूद उन्हें थाना क्षेत्र स्थित चौकी का प्रभारी बनाया गया।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
नैनी थाने में तैनाती के लिए नियमों को ताक पर रखे जाने के मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। तीन दिन पहले के अंक में इस मुद्दे पर खबर भी प्रकाशित की गई थी। जिसमें बताया गया था कि यहां आधा दर्जन ज्यादा पुलिसकर्मी ऐसे हैं जिन्होंने नियमविरुद्ध तरीके से तैनाती पाई। किसी ने जुगाड़ से दोबारा तैनाती पाई तो किसी ने इसी क्षेत्र में आवास होने के बावजूद नियुक्ति करा ली। सूत्रों का कहना है कि अभी भी एक चौकी के प्रभारी के रूप में वह दरोगा तैनात है, जिसका उसकी चौकी से बमुश्किल दो किमी की दूरी पर निजी आवास स्थित है। इसी तरह तीन सिपाहियों के बारे में भी यही चर्चा आम है।
- अनियमितता की शिकायतें मिलीं थीं जिस पर जांच कराई गई। प्रारंभिक रूप से आरोप सही पाए गए, जिस पर तीनों पुलिसकर्मियों को फिलहाल लाइन हाजिर कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई विस्तृत जांच रिपोर्ट मिलने के बाद की जाएगी। -सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, एसएसपी