लगातार हो रहे हादसों के बावजूद चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक नहीं लग पा रही है। रविवार को एक ऐसा ही हादसा बैरहना तिकोनिया पर हुआ जिसमें व्यापारी पुत्र ऋषभ शुक्ला जख्मी हो गए। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने उनका निजी अस्पताल में इलाज कराया।
ऋषभ (23 ) सुलेमसराय के रहने वाले हैं, जो कुत्ते के बच्चों को बेचते हैं। उनके पिता दिलीप शुक्ला ट्रैवेल्स का काम करते हैं। रविवार को ऋषभ नैनी से लौट रहे थे। अभी वह बैरहना तिकोनिया चौराहे पर पहुंचे थे कि तभी उनके गले में चाइनीज मांझा फंस गया। वह कुछ कर पाते, इससे पहले ही मांझे की चपेट में आने से उनका गला जख्मी हो गया और वह लहूलुहान हो गए। तेज दर्द होने की वजह से अचानक उनका संतुलन भी बिगड़ गया और वह गिरते-गिरते बचे। राहगीरों ने किसी तरह उन्हें संभाला और फिर फोन पर घरवालों को जानकारी दी।
सूचना पर पहुंचे घरवाले उन्हें अस्पताल ले गए, जहां जख्म गहरा होने के कारण गर्दन में नौ टांके लगाने पड़े। इससे पहले बिना कोरोना जांच के अस्पताल वाले प्राथमिक उपचार को भी तैयार नहीं थे। बहुत मानमनौव्वल पर वह इलाज के लिए राजी हुए। बता दें कि नए यमुना पुल के आसपास बड़ी संख्या में युवक चाइनीज मांझों के जरिए पतंगबाजी करते रहते हैं। रोक के बावजूद यह बेधडक़ होकर चाइनीज मांझों का इस्तेमाल करते हैं। जिससे राहगीरों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है।
कुछ महीनों पहले भी रामबाग फ्लाईओवर समेत अन्य जगहों पर चाइनीज मंझों से राहगीरों के जख्मी होने की घटनाएं सामने आईं। हादसों के बाद हर बार पुलिस अफसर यही कहते हैं कि चाइनीज मांझा बेचने व इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन कुछ दिनों बाद फिर मामला ठंडा पड़ जाता है। मामले में प्रभारी एसपी सिटी का कहना है कि जल्द ही इस संबंध में कार्रवाई की जाएगी।