फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रयागराजः आशीष की निजी जिंदगी पर पुलिस की जांच केंद्रित 

Thu, 16 May 2019 01:26 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
soraon - फोटो : प्रयागराज
विज्ञापन
चुनावी ड्यूटी से लौट रहे मतदान अधिकारी आशीष तिवारी की हत्या के मामले में पुलिस ने अपनी पूरी जांच उनकी निजी जिंदगी पर केंद्रित कर दी है। दरअसल, घरवालों और सहकर्मियों से बुधवार को लंबी बातचीत के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि उनकी जाहिरा तौर पर किसी से दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में घटना वाली शाम और रात, उन्होंने जिस जिस से बात की है, सभी शक के दायरे में हैं। उनमें से तीन मोबाइल बंद हैं। वही सबसे ज्यादा शक के दायरे में हैं। 
विज्ञापन


सोरांव के सराय लहुरी गांव के रहने वाले आशीष तिवारी उर्फ रिंकू सिंचाई विभाग प्रयागराज में नौकरी करते थे। लोक सभा चुनाव में बतौर मतदान अधिकारी उनकी ड्यूटी बारा विधान सभा क्षेत्र में लगाई गई थी। रविवार की रात चुनाव ड्यूटी से लौटते वक्त सराय दीना गांव में आशीष की हत्या कर उनके सिर को मिट्टी से ढंक दिया गया था। हत्या के खुलासे के लिए सोरांव पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच को लगाया गया। बुधवार को पुलिस टीमों ने आशीष के घर वालों और दफ्तर में उनके सहकर्मियों से लंबी बात की। उनके करीबी दोस्तों से भी पूछताछ की गई। उनकी न तो पारिवारिक रंजिश थी न ही पैसों को लेकर कोई विवाद था।

अब पुलिस ने पूरी जांच उनकी निजी जिंदगी पर केंद्रित कर दी है। पुलिस का कहना है कि उनकी जिंदगी में कुछ ऐसा चल रहा था जिसकी खबर न तो घर वालों को थी न ही दोस्तों या सहकर्मियों को। उन्होंने घटना वाली शाम और रात को जहां जहां बात की थी, सभी शक के दायरे में हैं। क्राइम ब्रांच उनसे पूछताछ कर रही है। तीन मोबाइल नंबर ऐसे हैं जो बंद हैं। पुलिस सबसे ज्यादा शक उन्हीं तीनों पर कर रही है। फिलहाल लोकेशन के आधार पर खोजबीन की जा रही है। इंस्पेक्टर सोरांव एके चतुर्वेदी ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है। जल्द ही इस मामले का खुलासा हो जाएगा। परिवार वालों और सहकर्मियों से पूछताछ की गई है। 
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के तत्वावधान में बुधवार को आशीष तिवारी की हत्या के विरोध में कर्मचारियों ने सभा की। वक्ताओं ने कहा कि तीन दिन बीतने के बाद भी हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। महासंघ के जिलाध्यक्ष नरसिंह के नेतृत्व में डीएम से मिला और ज्ञापन दिया कि घटना की उच्चस्तरीय मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाय। आशीष के परिवार वालों को एक करोड़ का मुआवजा दिया जाय और किसी सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी जाय। हत्यारों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो। डीएम ने कहा कि वह कर्मचारियों के साथ हैं। मौके पर राजेंद्र त्रिपाठी, त्रिवेणी प्रसाद, सिद्धार्थ सोनकर, अजय शंकर श्रीवास्तव, कमल नयन सिंह, सुभाष केसरवानी, मुनौवर एजाज और गुलाब सिंह सिंगरौर आदि कर्मचारी मौजूद थे। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें