कई ऐसे मुकदमों के बारे में पता चला जो अरसे से लंबित हैं। कुछ मुकदमों में तो पांच साल बाद भी विवेचना पूरी नहीं हो सकी। जांच पड़ताल में इसका जो कारण सामने आया, वह और भी चौंकाने वाला रहा। पता चला कि इन मुकदमों की फाइल ही गायब है। न ही थाना और न ही सीओ पेशी, किसी के पास भी मुकदमे से संबंधित दस्तावेज नहीं हैं। दस्तावेज कहां और किस हाल में हैं, इसका किसी भी अफसर के पास जवाब नहीं है। प्रकरण की पड़ताल में कई स्तरों पर लापरवाही की बात सामने आई। जिस पर 69 दरोगाओं के खिलाफ जांच शुरू करा दी गई है।
कुल 69 दरोगाओं के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। इनमें से गंगापार के 33 और शहर व यमुनापार क्षेत्र के 18-18 दरोगा शामिल हैं। - सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, डीआईजी