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अतीक के कुनबे में कलह, बेहद करीबियों ने छोड़ा साथ, जो कभी साये की तरह साथ थे अब बने जानी दुश्मन

Thu, 03 Sep 2020 10:33 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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अतीक अहमद (फाइल फोटो) - फोटो : File
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अतीक के कुनबे (गिरोह) में कलह मच गई है। पुलिस प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच तमाम करीबियों ने अतीक का साथ छोड़ दिया है। जो कभी दिन रात अतीक के हमराह हुआ करते थे, आज वह अतीक के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज करा रहे हैं। कम्मो और जाबिर तो पहले ही अलग हो चुके थे। देवरिया जेल में जैद की पिटाई के बाद आबिद प्रधान का गुट भी अब अतीक के साथ नहीं रह गया।

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रही सही कसर अतीक के मोहल्ले में रहने वाले नबी और उसके साथियों ने पूरी कर दी। अतीक के गढ़ में रहने के बाद भी उन लोगों ने अतीक गिरोह से सीधी दुश्मनी ली और उनके खिलाफ धमकाने की रिपोर्ट दर्ज करा दी।

 

माफिया अतीक अहमद - फोटो : amar ujala
एक समय अतीक गिरोह के सबसे शातिर समझे जाने वाले कम्मो और जाबिर की राहें अब अतीक गिरोह से पूरी तरह से अलग हो गईं हैं। दुश्मनी की शुरुआत कुछ साल पहले उस वक्त हुई जब अतीक की अनुमति के बिना दोनों ने अपने घर पर एक पंचायत बुलाकर मामले का निपटारा कर दिया। अतीक को पता चला तो उन्होंने कम्मो और जाबिर को जमकर हड़काया। इसके कुछ समय बाद अतीक के बेहद करीबी रहे आबिद प्रधान के परिवार की अलकमा और ड्राइवर सुरजीत की हत्या हुई तो कम्मो और जाबिर को ही नामजद कर दिया गया। इसके बाद अतीक गिरोह से दोनों की खुली दुश्मनी हो गई।
 

माफिया अतीक अहमद - फोटो : amar ujala
अतीक के सबसे ज्यादा खास माने जाने वाले आबिद प्रधान से मनमुटाव पिछले साल उस वक्त हुआ, जब अतीक ने आबिद के दामाद जैद को देवरिया जेल में जमकर पीट दिया था। दोनों में मामला इतना बढ़ा कि जैद ने बाद में अतीक और उसके करीबियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा दी। बाद में जब अतीक ने जैद को फोन से धमकाया तो उसने फिर से अतीक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। इस दुश्मनी में अब आबिद को फरहान का भी साथ मिल गया। फरहान अब खुलकर आबिद प्रधान के साथ है। जैद, आबिद और फरहान की तिकड़ी के नए दोस्त कम्मो और जाबिर हैं, जो कभी एक दूसरे के खून के प्यासे थे।
 
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Atiq Ahmad

अतीक को गढ़ में दी चुनौती

अतीक को उनके ही गढ़ यानी चकिया में चुनौती नबी अहमद ने दी। कभी अतीक के दाएं-बाएं चलने वाले नबी और इमरान ने अतीक के विरोधी अब्दुल रहमान की हत्या की थी। नबी ने कुछ समय पहले अतीक अहमद, जुल्फिकार उर्फ तोता और दुर्रानी के खिलाफ धमकाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। दरअसल, नबी कुछ साल पहले मारे गए रवि पासी हत्याकांड का गवाह है। उस हत्याकांड में तोता के भाई फंसे थे। तोता लगातार नबी को धमकी दे रहा था कि वह गवाही न दे। अतीक ने तोता का साथ दिया था। इसी कारण नबी अब खुलकर अतीक के विरोध में आ गया है। उनके साथ अशरफ की सुरक्षा में चलने वाला अकरम भी है। वह भी अतीक गिरोह का विरोधी हो गया है।
 
  • अतीक गिरोह की कारगुजारियों पर पुलिस की नजर है। पुलिस को उनके अपराधों से मतलब है। उनके अपराधों के आधार पर ही पुलिस कार्रवाई होगी। दिनेश सिंह, एसपी सिटी 
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