सूत्रों का कहना है कि इंस्पेक्टर नरेंद्र प्रसाद के संबंध में लगातार शिकायतें उच्चाधिकारियों को मिल रही थीं। कुछ दिनों पहले ही कोतवाली से कुख्यात अपराधी के शरणदाताओं को छोड़े जाने के मामले में भी उनके खिलाफ जांच बैठाई गई थी।
लापरवाह व अनुशासनहीन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के क्रम में एक और बड़ी कार्रवाई हुई। मनमाना रवैया अपनाने समेत अन्य आरोपों में शहर कोतवाल नरेंद्र प्रसाद को सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
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सूत्रों का कहना है कि इंस्पेक्टर नरेंद्र प्रसाद के संबंध में लगातार शिकायतें उच्चाधिकारियों को मिल रही थीं। कुछ दिनों पहले ही कोतवाली से कुख्यात अपराधी के शरणदाताओं को छोड़े जाने के मामले में भी उनके खिलाफ जांच बैठाई गई थी। लेकिन बाद में जांच अधिकारी की ओर से उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी। सूत्रों का कहना है कि उनकी लापरवाही का ताजा मामला कोर्ट के आदेश से संबंधित है।
उन्होंने कोर्ट के आदेश के अनुपालन में भी लापरवाही बरती। इस मामले में एक मंत्री ने भी उनकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की थी। एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि कार्यों में घोर लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता बरतने के चलते इंस्पेक्टर नरेंद्र प्रसाद को सस्पेंड कर दिया गया है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही नैनी थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर कुशलपाल सिंह समेत पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था।
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विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 131 दिनों में 132 पुलिसकर्मियों पर सस्पेंशन/लाइन हाजिर की कार्रवाई की गई है। इनमें से निलंबित होने वाले पुलिसकर्मियों में छह इंस्पेक्टर, 28 एसआई, 16 दीवान, 37 सिपाही व एक फॉलोअर शामिल हैं। इसी तरह तैनाती स्थल से हटाकर लाइन में भेजे जाने वालों में चार इंस्पेक्टर, 23 एसआई, एक दीवान व 16 सिपाही शामिल हैं।