कॉलोनी के लोगों का कहना है कि कोरोना पॉजिटिव मिलने से अब संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। वैसे तो कॉलोनी के लोग पूरी तरह लॉक डाउन का पालन कर रहे हैं, लेकिन जरूरत पर कुछ लोग घर से बाहर भी निकलते हैं। प्लेसमेंट एजेंसी में काम करने वाले कॉलोनी के राशिद का कहना है कि संक्रमण से बचने के लिए एक महीने से घर से काम कर रहे हैं, बगल में कोरोना संक्रमित या संदिग्धों को रखे जाने से आसपास रहने वालों के लिए खतरा बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि क्वारंटीन सेंटर में तो सैनिटाइजेशन का काम हर दिन कराया जाता है, पर आसपास के आबादी वाले इलाकों की तरफ किसी की नजर ही नहीं जाती।
कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. ऋषि सहाय के मुताबिक कोरोना संदिग्ध, उनके परिवारीजनों या पॉजिटिव पाए गए लोगों के संपर्क में रहने वालों को क्वारंटीन करने की फूलप्रूफ व्यवस्था है। संक्रमण न फैले इसके लिए एहतियात बरते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि खास यह है कि फिलहाल क्वारंटीन लोगों में कोरोना लक्षण परिलक्षित नहीं हैं। सभी की जांच कराई जा रही है। आसपास की बस्तियों, कॉलोनियों में लोग सुरक्षित रहें, इस संबंध में भी उपाय कराए जा रहे हैं।