कुछ दिन स्थिर रहने के बाद प्याज के दाम ने एक बार फिर से एकबारगी तेजी पकड़ ली है। फुुटकर मार्केट में प्याज का दाम 70 से 80 रुपये किलो तक पहुंच गया है। इस बीच मुंडेरा मंडी में मांग के अनुरूप प्याज की सप्लाई कम होने से थोक में भी इसका रेट बढ़ गया है। बुधवार की शाम पांच बजे मुंडेरा मंडी में प्याज का दाम 50 रुपये किलो तक पहुंच गया। आढ़तियों का कहना है कि अगर सप्लाई कम रही तो प्याज के दाम और भी बढ़ सकते हैं। उधर कर्नाटक से टमाटर की आवक कम होने की वजह से शहर की तमाम सब्जी मंडियों में टमाटर का दाम एक बार फिर 80 रुपये प्रतिकिलो हो गया है।
दरअसल इस वर्ष प्याज के दाम में तेजी का कारण उसकी फसल का खराब होना ही है। इस वजह से महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक आदि राज्य से उसकी आवक में कमी आ गई है। इन सभी राज्यों में खासतौर से महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जो कि प्याज उत्पादन में अग्रणी हैं, वहां बारिश ज्यादा होने की वजह से प्याज की काफी फसल खराब हो गई। इस वजह से प्याज की आवक इस बार थोक मंडी मुंडेरा में कम ही रही है। 15 सितंबर को मुंडेरा मंडी में प्याज का दाम 10 से 15 एवं फुटकर में अधिकतम 40 रुपये किलो था जो अब बढ़कर थोक में 40 से 50 एवं फुटकर में 80 रुपये प्रति किलो तक हो गया है। बीते एक सप्ताह के दौरान थोक में अधिकतम दस रुपये किलो का प्याज में उछाल आया। रीवा, कटनी, सतना आदि जिलों से आने वाली लोकल प्याज भी अब कम ही आ रही है। अब नई फसल आने के बाद ही प्याज का दाम कम होने की उम्मीद है।
प्याज स्टोर करने का नहीं है प्रबंध
मुंडेरा मंडी फल सब्जी व्यापार मंडल महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुशवाहा का कहना है कि आलू की तरह प्याज को स्टोर करने का प्रबंध नहीं है। अगर प्याज भी स्टोर की जा सके तो बार-बार उसके दाम में होने वाली उछाल पर कुछ हद तक काबू पाया जा सकता है। उनके मुताबिक मुंडेरा मंडी में काफी जमीन खाली है। अगर सरकार यहां स्टोर बनवा दे तो उसमें कई हजार प्याज की बोरी स्टोर की जा सकेगी। स्टोर में रहने से प्याज जल्दी खराब भी नहीं होगी। अभी जो प्याज आ भी रही है वह ऐसे ही खुले में रख दी जाती है। फुटकर मंडी तक पहुंचते-पहुंचते काफी प्याज खराब भी हो जाती है। इसकी कीमत में वृद्धि का भुगतान उपभोक्ताओं को ही करना पड़ता है। दाम बढ़ने का हमेशा यह अर्थ नहीं है कि किसानों को इसका फायदा पहुंच रहा है।
मंडी में हरी सब्जियों की भरमार, अभी गिरेंगे दाम
मुंडेरा मंडी में एक बार फिर से हरी सब्जियों की भरमार हो गई है। दिवाली बाद फूल गोभी, पत्ता गोभी, लौकी, पालक आदि की आवक मंडी में बढ़ी है। आने वाले दिनों में हरी सब्जियों के दाम गिरने का भी संकेत आढ़तियों ने दिया है। इस बीच टमाटर का दाम एक बार फिर से जरूर बढ़ा है। थोक मंडी में 45 से 50 रुपये और फुटकर मार्केट में इसका दाम 80 रुपये प्रति किलो हो गया। एजी ऑफिस, हिम्मतगंज, साउथ मलाका, बिजलीघर, गऊघाट, सोहबतियाबाग आदि फुटकर सब्जी मंडी में टमाटर 80 रुपये किलो तक ही बिक रहा है। आलम ये है कि अब शहर की तमाम सब्जी मंडियों में विक्रेता टमाटर के दाम किलो की बजाय पाव में बता रहे हैं।