कोर्ट ने पाया कि काफी लंबे समय तक दी गई सेवाओं को नजरंदाज नहीं किया जा सकता। सन् 1996 से सेवा को मान्य करते हुए गणना करने और पेंशन का भुगतान के आदेश दे दिए गए हैं। जब कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया तब आवेदकों ने अवमानना याचिका दायर कर दी।
इस वर्ष 11 फरवरी को कोर्ट ने आदेश का पालन कराने के लिए विपक्षी पार्टी को नोटिस जारी कर दिया। मथुरा जिला अधिकारी द्वारा उनके नियमितीकरण से पहले आवेदकों को उनकी सेवा का लाभ देने से इनकार करते हुए 18 अप्रैल को पारित एक आदेश के साथ एक अनुपालन हलफनामा दायर किया गया था।