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प्रयागराजः बिना सत्यापन कुंभ कार्यों के भुगतान पर रोक

Mon, 25 Mar 2019 01:21 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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कुंभ के स्थायी कार्यों के सत्यापन के बिना भुगतान हरगिज नहीं किया जाएगा। कमी पाए जाने पर कार्यदायी संस्था और संबंधित ठेकेदारों से कटौती की जाएगी। कुंभ के कार्यों के सत्यापन और भुगतान की समीक्षा के दौरान रविवार को मंडलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल ने यह निर्देश दिए। उन्होंने अफसरों को हिदायत दी कि कुंभ कार्यों में दिए गए वर्क आर्डर से अधिक की सीमा के कोई भी भुगतान न किए जाएं। साथ ही कार्यों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराने के बाद ही भुगतान किया जाए।  
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प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में मंडलायुक्तने कुंभ से जुड़े सभी विभागाध्यक्षों को हिदायत दी कि वित्तीय वर्ष के समापन पर हर भुगतान में सतर्कता बरती जाए। कहीं भी वित्तीय अनियमितता न होने पाए। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे भुगतान में भी भ्रष्टाचार या अनियमितता की शिकायत नहीं आनी चाहिए, वरना इसके जिम्मेदारों का बख्शा नहीं जाएगा। किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर बिना कटौती के भुगतान न किया जाए। मंडलायुक्त ने कुंभ कार्यों में लगे विभागों के पास बचत तथा भुगतान में कटौती की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि बचतों को समय से समर्पित कर दिया जाए।

कहा कि कुंभ के तहत बनी सड़कों पर किसी भी दशा में खुदाई या तोड़-फोड़ जिलाधिकारी की अनुमति के बिना दंडनीय होगी। इसके लिए जिम्मेदार संबंधित विभाग को माना जाएगा। संबंधित अधिकारी और कर्मचारी को इसकी भरपाई हर हाल में करनी होगी। इसके लिए डीएम के अलावा महाप्रबंधक जल निगम, महाप्रबंधक गंगा प्रदूषण नियंत्रण ईकाई, मुख्य अभियंता सिंचाई तथा टेलीकॉम क्षेत्र में काम करने वाले निजी क्षेत्र के उपक्रमों के प्रमुखों को इस आशय का पत्र भी भेजा गया। इस मौकेपर कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद, डीएम भानुचंद्र गोस्वामी भी उपस्थित थे।
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कुंभ के कार्यों के सत्यापन में कमियां पाए जाने पर बिलों का भुगतान रोका जा रहा है। कमी पाए जाने पर कार्यदायी संस्थाओं और ठेकेदारों को बख्शा नहीं जाएगा। विजय किरन आनंद, कुंभ मेलाधिकारी।    

मंडलायुक्त ने कुंभ में लाए गए गमलों के सूखने पर रविवार को गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने उप निदेशक (उद्यान) विनीत कुमार से इसकेबारे में जानकारी ली। कहा कि गर्मी आते ही कुंभ के दौरान लगाए गए गमलों के पौधे सूखने लगे हैं, ये स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने संबंधित ठेकेदार के भुगतान से कटौती करने के निर्देश दिए। साथ ही गमलों को निरंतर हरा-भरा रखने की हिदायत दी। 
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