वह कस्टम से छुड़वा लें। कुछ दिनों बाद बुजुर्ग के मोबाइल पर फोन आया कि वह कस्टम अधिकारी बोल रहा है। उनका गिफ्ट आया है। गिफ्ट बहुत मंहगा है। इसलिए दो लाख एक्साइज ड्यूटी लगेगी। बुजुर्ग ने दो लाख भेज दिए। इसके बाद बुजुर्ग से कोई न कोई कारण बताकर रुपये मांगे जाते रहे। कई लाख देने के बाद बुजुर्ग समझ गए कि उनके साथ साथ ठगी हो गई लेकिन उन्हें विदेशी महिला पर शक नहीं हुआ। विदेशी महिला ने भी उनसे कई लाख ऐंठ लिए फिर अचानक उसका फेसबुक एकाउंट डीएक्टीवेट हो गया। तब तक बुजुर्ग से खाते से 20 लाख गायब हो चुके थे। उन्होंने साइबर थाने में संपर्क किया।
जांच शुरू हुई और नई दिल्ली के नेब सराय जवाहर पार्क से में रहने वाले नाइजीरियाई नागरिक औंगस स्टेनली को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से तीन मोबाइल, एक टैबलेट, आठ सिम जिसमें चार विदेशी हैं, पासपोर्ट और डायरी मिली हैं। बृहस्पतिवार को आईजी राकेश सिंह ने बताया साइबर थाना पुलिस टीम ने शानदार काम किया है। उन्होंने एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर एक को पकड़ लिया है। गिरोह के अन्य लोगों के बारे में भी जांच की जा रही है। उन्होंने टीम में शामिल इंस्पेक्टर राजीव त्रिपाठी, राघवेंद्र पांडेय, महेंद्र, अतुल, रणवीर और अनुराग की सराहना की।
विदेशी महिलाओं से शादी करने के इच्छुक लोगों को बनाते थे निशाना
औंगस स्टैनली का गिरोह फेसबुक तथा अन्य सोशल मीडिया पर ऐसे लोगों लोगों को निशाना बनाते थे, जो विदेशी महिलाओं से शादी करने के इच्छुक होते थे। ऐसे लोगों को फांसकर पहले तो चैटिंग कराई जाती थी। फिर उनसे गिफ्ट के नाम पर वसूली की जाती थी। लड़कियों की आईडी फेक होती थी। औंगस और उसके गिरोह के लोग खुद ही चैट करते थे। पुलिस से बचने के लिए औंगस और उसकी टीम के लोग फेसबुक पर प्रोफाइल विदेश से ही बनाते थे। उसमें विदेशी फोन नंबर का इस्तेमाल करते थे।
वीजा खत्म होने के बाद भी रह रहा था भारत में
औंगस स्टैनली नई दिल्ली के जवाहर पार्क के पास कमरा किराये पर लेकर रहता है। पुलिस ने उसका वीजा चेक किया। पांच जनवरी 2022 को वीजा की अवधि खत्म हो गई थी लेकिन वह अवैध रूप से भारत में निवास कर रहा था। शहर के बुजुर्ग से औंगस ही चैट करता था। उसके मोबाइल और टैबलेट से बुजुर्ग के साथ हुई चैटिंग के रिकार्ड मिले हैं।