अतीक अहमद के खिलाफ कार्रवाई के क्रम में पुलिस उसके मददगार हों पर भी शिकंजा कस रही है। जिसके तहत जल्दी अतीक का कारोबार देखने वाले अतरसुइया निवासी मोहम्मद अब्बास पर भी शिकंजा कसा जाएगा। उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। पिछले कई महीनों से घर से फरार चल रहे अब्बास की तलाश भी तेज कर दी गई है।
अतरसुइया निवासी मोहम्मद अब्बास अतीक अहमद का बेहद करीबी माना जाता है। कानपुर के बिकरू कांड के बाद प्रदेश भर में चिन्हित माफिया के खिलाफ शुरू किए गए अभियान के तहत अतीक अहमद और उसके गुर्गों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की गई। इसी दौरान मध्यप्रदेश के शहडोल में अतीक अहमद के शार्प शूटर मोहम्मद अख्तर उर्फ बालम की गिरफ्तारी हुई। जिससे पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा हुआ। उसने बताया कि अतीक अहमद का कारोबार अतरसुइया के रानी मंडी निवासी मोहम्मद अब्बास देखता है।
पुलिस के मुताबिक, जानकारी जुटाने पर मालूम हुआ कि उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी है। इस जानकारी के मिलने के बाद एडीजी जोन प्रेम प्रकाश ने खुद फोर्स के साथ उसके घर पर छापेमारी की थी, लेकिन वह मौके से फरार हो गया था। ऐसे में उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था लेकिन आदेश का पालन नहीं हुआ।
इसी मामले में 1 दिन पहले अतरसुइया थाने के प्रभारी रहे इंस्पेक्टर संदीप मिश्रा निलंबित कर दिए गए। पुलिस अफसरों का कहना है कि अब्बास की तलाश एक बार फिर से तेज कर दी गई है। उसके हर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। फिलहाल प्रयास यह है कि उससे पूछताछ की जा सके। इसके बाद उसके खिलाफ गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जाएगी।
पकड़ा गया तो खुल सकते हैं अतीक के कई राज
सूत्रों का कहना है कि बालम ने पूछताछ में जो भी बातें बताई हैं, उससे इस बात की पूरी संभावना है कि अब्बास अतीक के बेहद करीबियों में शामिल है। अतीक के कारोबार की देखरेख वही करता रहा है। ऐसे भी इस बात की पूरी संभावना है कि उससे पूछताछ में अतीक से जुड़े कई अहम राज खुलें।
थाने में कौन था अपराधी का मुखबिर?
इस मामले में एक खास बात यह है कि गिरफ्तारी के लिए दबिश देने के दौरान अफसरों के पहुंचने से ठीक पहले ही अब्बास घर छोड़कर गायब हो गया था। जांच में यह बात सामने आई थी कि उसे दबिश की जानकारी अतरसुइया थाने से ही किसी ने दी थी। जानकारों का कहना है कि इस बात का पता लगाया जाना बेहद जरूरी है कि पुलिस विभाग में रहकर अपराधी के लिए मुखबिरी किसने की। इसकी जांच हुई तो माफिया पुलिस के गठजोड़ में शामिल कई चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं।
- माफिया का साथ देने वाले हर शख्स पर कार्रवाई की जाएगी। नियमानुसार कार्रवाई न करने पर ही थाना प्रभारी का निलंबन हुआ। उसके खिलाफ प्रचलित विभागीय जांच में ही इसका भी पता लगाया जाएगा कि थाने से दबिश की सूचना किसने लीक की। जो भी संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - प्रेमप्रकाश, एडीजी जोन