परिजनों की चुप्पी, बढ़ता रहस्य
डॉक्टर आदित्य की मौत के बाद से उनके परिजन गहरे सदमे में हैं। हालांकि, अब तक उन्होंने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है और न ही पुलिस को लिखित तहरीर दी है। पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद रहने के बावजूद परिजनों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। उधर, मेडिकल कॉलेज में शोक का माहौल है। सर्जरी विभाग में सन्नाटा पसरा हुआ है। सहकर्मियों के अनुसार आदित्य एक मेधावी और खुशमिजाज डॉक्टर थे। उनकी अचानक मौत से ऑपरेशन थियेटर तक का कामकाज प्रभावित हुआ है। डॉ. आदित्य के परिजनों की तरह ही डॉ. कार्तिकेय के परिवार ने भी तत्काल कोई बड़ा आरोप नहीं लगाया था, जिससे जांच पूरी तरह रिपोर्ट और साक्ष्यों पर निर्भर रही।
विसरा रिपोर्ट पर टिकीं सभी की निगाहें
फिलहाल, इस पूरे मामले में सबसे अहम कड़ी विसरा रिपोर्ट मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी और जरूरत पड़ने पर केस दर्ज करने या धाराएं बदलने की भी संभावना है। कुल मिलाकर, डॉक्टर आदित्य की मौत फिलहाल एक मेडिकल मिस्ट्री बनी हुई है। शुरुआती जांच में स्पष्ट कारण सामने न आने से रहस्य और गहरा गया है। अब सभी की निगाहें विसरा रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि यह महज हादसा था, लापरवाही या इसके पीछे कोई और वजह छिपी है।