ट्रेनों की लेटलतीफी और हवाई सेवाओं में देरी ने स्नानार्थियों के उत्साह पर पानी फेर दिया। प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से दो से छह घंटे तक की देरी से स्टेशन पहुंची। इस वजह से यात्रियों को काफी परेशानी हुई।
ट्रेनों की लेटलतीफी और हवाई सेवाओं में देरी ने स्नानार्थियों के उत्साह पर पानी फेर दिया। प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से दो से छह घंटे तक की देरी से स्टेशन पहुंची। इस वजह से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही। रीवा एक्सप्रेस का प्रयागराज जंक्शन पर आगमन सुबह 6:10 की जगह 10:30 बजे हुआ। प्रयागराज एक्सप्रेस सुबह 6:55 की जगह करीब 11 बजे सूबेदारगंज पहुंच सकी।
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पुरुषोत्तम एक्सप्रेस का आगमन 4.15 घंटे की देरी से सुबह 11:10 बजे हुआ। स्वतंत्रता सेनानी 9.15 घंटे की देरी से दोपहर 2:30 बजे, नई दिल्ली-बनारस सुपरफास्ट 5.30 घंटे, नई दिल्ली-प्रयागराज हमसफर 5.45 घंटे एवं वंदे भारत 2.15 घंटे की देरी से जंक्शन पहुंची।
उधर ऊंचाहार एक्सप्रेस का आगमन प्रयाग स्टेशन पर तकरीबन छह घंटे की देरी से शाम 4:30 बजे हुआ। वापसी में इसे रीशेड्यूल कर शाम 7:15 बजे रवाना करने कर का एलान किया गया। यात्रियों ने बताया कि ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण खाने-पीने और बैठने की समस्या हुई। यात्रियों ने रेलवे के सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर नाराजगी भी जाहिर की।
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हवाई सफर में भी रहा व्यवधान
केवल जमीन ही नहीं, आसमान में भी यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। जहां भुवनेश्वर और बंगलूरू की फ्लाइटें समय पर रहीं तो वहीं दिल्ली और मुंबई की उड़ानों ने यात्रियों को परेशान किया। इंडिगो की मुंबई की उड़ान दोपहर एक बजे की जगह 3:55 बजे प्रयागराज पहुंची। इससे वापसी की उड़ान तीन घंटे लेट हो गई। दिल्ली की उड़ान भी विलंब से रवाना हुई।