जंक्शन पर ट्रेनों का इंतजार करते यात्री।
- फोटो : अमर उजाला।
अधिकांश ट्रेनें विलंब से पहुंचीं
यशवंतनगर एक्सप्रेस के इंतजार में वह प्लेटफार्म नंबर एक पर यात्री प्रतीक्षालय में अपनी परेशानी गिनाती रहीं। इसी तरह आजमगढ़ के दयालाल सोनकर अपन पत्नी और बहू के साथ जयपुर जाने के लिए निकले थे, लेकिन पांडिचेरी से नई दिल्ली जाने वाली उनकी ट्रेन पांच घंटे विलंबित रही। पुरुषोत्तम एक्सप्रेस 5:30 घंटा,पूर्वा एक्सप्रेस चार घंटा, कोलकाता -राजधानी 2:30 घंटा, नई दिल्ली से कोणार्क जाने वाली बीबीएस राजधानी 6:30 घंटा, नई दिल्ली से राजददेंद्र नागर राजधानी 2:45 घंटा और चोपन-प्रयागराज एक्सप्रेस तीन घंटे विलंब से चलती रही। इससे सैकड़ों यात्री इस कड़ाके की ठंड में परेशान रहे।
दिल्ली रूट की अधिकांश ट्रेनें घंटों देरी से यहां पहुंचीं। ट्रेनों के विलंब से आने की वजह से यात्रियों को खासी परेशानी हुई। शुक्रवार को वंदे भारत डेढ़ घंटे की देरी से आई। प्रयागराज एक्सप्रेस साढ़े चार घंटा देरी से सुबह सात बजे की जगह 11.27 बजे व हमसफर एक्सप्रेस चार घंटा देरी से सुबह 6.20 की जगह सुबह 10.20 बजे प्रयागराज पहुंची। ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर ही कड़ाके की ठंड में रातें गुजारनी पड़ रही है।
शीत लहर में ठंड से ठिठुरते रहे यात्री।
- फोटो : अमर उजाला।
50 प्रतिशत यात्री होने पर ही चलीं बसें
यूपी रोडवेज ने भी बसों के अतिरिक्त फेरे न लगाने का निर्णय लिया है। क्षेत्रीय प्रबंधक एमके त्रिवेदी ने कहा कि रात वाली बसें तभी चलाई जाएंगी जब उसमें 50 प्रतिशत से अधिक यात्री हों। चालकों से यह भी कहा है कि अगर कोहरा घना होता है तो बस को सड़क किनारे किसी सुरक्षित स्थान या किसी ढाबे आदि पर खड़ा किया जाए।