जार्जटाउन में विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता आनंद पांडेय को धमकाने के आरोपियों का आठ दिन बाद भी सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस का कहना है कि भुक्तभोगी अफसर ने अब तक बयान नहीं दर्ज कराया है और इस वजह से आरोपियों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं हो पा रही है।
जार्जटाउन स्थित कार्यालय में तैनात आनंद पांडेय अधीक्षण अभियंता हैं। 20 जून को उन्होंने जार्जटाउन थाने में तहरीर देकर ठेकेदार सचिन मिश्रा व मोनू दु़बे को नामजद करते हुए 3-4 अन्य लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई। उनका आरोप था कि वह कार्यालय में थे तभी आरोपियों ने आकर गालीगलौज की और धमकाया।
हालांकि उन्होंने इसकी वजह नहीं बताई। उन्होंने अपनी हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए उच्चाधिकारियों से भी गुहार लगाई। रिपोर्ट दर्ज हुए आठ दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक आरोपियों का सुराग नहीं मिल सका है। मामले में जार्जटाउन पुलिस का कहना है तहरीर में सिर्फ आरोपियों के नाम बताए गए हैं।
उनका पता क्या है और विवाद की वजह क्या थी इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी गई है। भुक्तभोगी अफसर से कई बार संपर्क किया गया लेकिन अब तक वह बयान दर्ज कराने थाने नहीं आ सके हैं। जार्जटाउन इंस्पेक्टर पवन त्रिवेदी का कहना है कि बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।