मेजा विकासखंड के इटवां खुर्द में मनरेगा के तहत कराए गए कच्चे व पक्के कार्य में फर्जी मस्टररोल लगाकर लाखों रुपये की अनियमितता का मामला सामने आया हैं। शिकायत पर डीएम ने एडीएम नागरिक आपूर्ति विजय शर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी रविशंकर द्विवेदी और जिला पूर्ति अधिकारी सुनील सिंह की संयुक्त जांच टीम गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। बृहस्पतिवार को टीम इटवां खुर्द पहुंची।
गांव के रतुल सिंह ने मुख्यमंत्री व डीएम को प्रार्थना पत्र देते हुए आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक की मिलीभगत से वर्ष 2022 से 2025 के बीच मनरेगा के तहत कराए गए कार्य में अनियमितता की गई है। उदाहरण के तौर पर लाली तारा तालाब की खोदाई बिना कराए नौ लाख 60 हजार रुपये निकाल लिए गए। शिकायत पर वर्ष 2025 में जेसीबी लगाकर खोदाई करने का कोरम पूरा किया गया।
तालाब में पक्का कार्य भी दिखाया गया है जबकि, मौके पर कार्य नहीं हुआ हैं। फर्जी मस्टररोल लगाकर 13 लाख 35 हजार रुपये निकाल लिए गए। यहीं नहीं, लपरी नदी की सफाई कराने के नाम पर 40 लाख गबन कर लिया गया है। बृहस्पतिवार को अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर शिकायतकर्ता के सामने स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीणों से पूछताछ की। जिला पंचायत राज अधिकारी रविशंकर द्विवेदी ने बताया कि जांच रिपोर्ट जल्द ही डीएम को सौंपी जाएगी।