जिला अदालत ने प्रतापपुर से सपा विधायक विजमा यादव समेत अन्य आरोपियों को डकैती के मामले में दोषमुक्त कर दिया। यह आदेश अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए योगेश कुमार ने दिया।
जिला अदालत ने प्रतापपुर से सपा विधायक विजमा यादव समेत अन्य आरोपियों को डकैती के मामले में दोषमुक्त कर दिया। यह आदेश अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए योगेश कुमार ने दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा है। ऐसे में आरोपियों को बरी किया जाना उचित है।
विज्ञापन
मामला 2010 का है। झूंसी निवासी अशोक यादव की पत्नी शशि ने अदालत में सीआरपीसी की धारा-156(3) के तहत प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि नैनी जेल के बाहर मुनीम यादव की हत्या के बाद आरोपियों को शक था कि इस घटना में अशोक यादव शामिल है। इसी रंजिश में विधायक विजमा यादव सहित अन्य लोगों ने उनके घर पर डकैती की।
वादी का आरोप था कि घटना की सूचना देने के बावजूद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की, जिसके बाद अदालत की शरण ली। अदालत ने मामले को परिवाद के रूप में दर्ज कर स्वयं जांच की। विजमा यादव समेत 10 लोगों को आईपीसी की धारा-395, 436 सहित अन्य धाराओं में तलब किया था। इस प्रकरण में झूंसी थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी पद्माकर राय भी आरोपी बनाए गए थे, लेकिन उनके न्यायालय में उपस्थित न होने पर उनकी पत्रावली अलग कर दी गई।