मारपीट में घायल दो लोगों को लेकर कर्नलगंज पुलिस चार घंटे इधर से उधर घूमती रही लेकिन अस्पतालों की हीलाहवाली के चक्कर में मेडिकल नहीं हुआ। नतीजतन एफआईआर भी नहीं दर्ज हो सकी। मामले में इंस्पेक्टर की ओर से डीएम को शिकायती पत्र भेजा गया है। कर्नलगंज के चैथम लाइन में मामूली विवाद में मोहल्ले के ही दो पक्ष आमने सामने हो गए।
विवाद के दौरान मारपीट के साथ ही वहां ईट पत्थर भी चले। जिसमें सरला देवी व अनिल घायल भी हुए। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों से पांच लोगों को पकडक़र थाने लाई। उधर दोनों घायलों को मेडिकल के लिए ले जाया गया। आरोप है कि एसआरएन, बेली व कॉल्विन अस्पताल के डॉक्टर घायलों को मेडिकल करने की जगह एक से दूसरे अस्पताल भेजते रहे। वह कोरोना का हवाला देकर मेडिकल करने से इंकार करते रहे।
यहां तक कि इंस्पेक्टर के व्यक्तिगत रूप से अनुरोध करने के बावजूद मेडिकल के लिए तैयार नहीं हुए। यह हाल तब था जब घायलों के सिर में चोट थी और वह लहुलुहान भी थे। इस संवेदनहीनता पर घायलों के घरवालों में आक्त्रसेश भी रहा। उधर इंस्पेक्टर की ओर से एसएसपी के माध्यम से डीएम को शिकायती पत्र भेजकर प्रकरण की जानकारी दी गई।
इंस्पेक्टर अरुण कुमार त्यागी ने बताया कि मेडिकल न होने की वजह से रिपोर्ट नहीं दर्ज की जा सकी। फिलहाल दोनों पक्षों से पांच लोगों का शांतिभंग में चालान कर दिया गया है। जिलाधिकारी को वरिष्ठ अफसरों के
माध्यम से पत्र भेजकर जानकारी दे दी गई है।