लॉकडाउन की वजह से 22 मार्च से यार्ड में खड़ी पैसेंजर ट्रेनों की समयसारिणी का नए सिरे से निर्धारण किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जब भी पैसेेंजर ट्रेन शुरू होंगी, रेलवे द्वारा उन्हें नया समय एलॉट किया जा सकता है। कुछ ट्रेनों के स्टॉपेज भी कम किए जाएंगे, ताकि पैसेंजर ट्रेनों में ज्यादा भीड़ ना हो सके।
दरअसल, पिछले दिनों ही रेलवे बोर्ड ने जीरो बेस्ड समयसारिणी के निर्धारण की बात कही थी, ताकि यात्रियों की मांग के अनुसार ट्रेन का संचालन शुरू हो सके। इस संबंध में उत्तर मध्य रेलवे समेत सभी जोनल रेलवे से कहा गया था कि वह जीरो बेस्ड समयसारिणी को लेकर अपने सुझाव भेजें।
जोनल रेलवे द्वारा सभी यात्री ट्रेनों के नए समय को लेकर तमाम सुझाव बोर्ड तक भेज भी गए। इसमें यात्रियों के पसंदीदा समय के हिसाब से ट्रेनों की समयसारिणी बनाने की बात कही गई। यह भी बताया कि रूट वार किस समय ज्यादा यात्री सफर करना पसंद करते हैं। वर्तमान समय देश भर में महज पांच फीसदी यात्री ट्रेनें ही चल रही है।
इसमें 30 विशेष राजधानी और 200 स्पेेशल ट्रेन शामिल हैं। आने वाले दिनों में 90 और विशेष ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। बाकी बची ट्रेनों को यात्रियों की सुविधानुसार समय पर चलाने के लिए नए सिरे से समयसारिणी बनाई जा रही है। रेलवे के अफसरों का कहना कि जब भी रेगूलर ट्रेनों का संचालन होगा, वह नई समयसारिणी के हिसाब से हो सकता है। इसके अलावा सभी स्टेशनों पर रुकने वाली पैसेंजर ट्रेनों भी नए टाइम टेबल से चलाने की तैयारी की जा रही है। उन्हें फास्ट बनाने के साथ ही कम आय वाले स्टेशनों पर ठहराव न दिए जाने पर भी मंथन चल रहा है।
रेलवे बोर्ड स्तर से जीरो बेस्ड समय सारिणी का निर्धारण किया जाना है। आने वाले दिनों में जब भी नियमित ट्रेनों का संचालन शुरू होगा तो वह नए समय से चलाई जा सकती हैैं। - अमिताभ, डीआरएम प्रयागराज