जहां एक ओर डीजल के दाम में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है तो वहीं दूसरी ओर रेलवे लगातार डीजल की खपत में कमी के उपाय कर रहा है। इसी क्रम में उत्तर मध्य रेलवे द्वारा इलेक्ट्रिक इंजनों के उपयोग में वृद्धि और डीजल इंजनों की गहन निगरानी के माध्यम से वर्ष 2019-2020 के दौरान 160 लाख लीटर हाई स्पीड डीजल की बचत की गई।
दरअसल एनसीआर द्वरा हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एनसीआर तेज गति से अपने ब्राडगेज नेटवर्क का विद्युतीकरण कर रहा है। वर्ष 2019-20 में एनसीआर ने 226 किमी ब्राडगेज मार्ग का विद्युतीकरण किया। इसमें प्रयागराज मंडल का चुनार-चोपन रेल खंड भी शामिल है। दैनिक उपयोग आधार पर यहां औसतन पांच मालगाड़ी को चलाने के लिए इसका उपयोग किया जा रहा है।
इसके अलावा उपयोग न होने की स्थिति में डीजल इंजन को बंद भी कर दिया जा रहा है। एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने बताया कि जोन प्रयागराज एक्सप्रेस समेत अपनी यात्री ट्रेनों में हेड आन जनरेशन युक्त 16 एलएचबी रेक का उपयोग कर रहा है। इसमें लाइट, एसी, पंखे आदि डीजल जेनरेटर यान की बजाय सीधे ओएचई से विद्युत ऊर्जा से चल रहे है। इस प्रयास से भी 75 हजार लीटर डीजल की बचत हुई।