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Prayagraj News : एसआरएन अस्पताल में एमआरआई के लिए नाै माह से अधिक का इंतजार

Sun, 20 Jul 2025 04:08 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

हाईकोर्ट की तमाम सख्ती के बावजूद एसआरएन अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं पटरी पर नहीं आ रही हैं। हालत यह है कि एमआरआई (मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) जांच के लिए मरीजों को नाै-दस माह बाद का समय दिया जा रहा है।
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एमआरआई मशीन। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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हाईकोर्ट की तमाम सख्ती के बावजूद एसआरएन अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं पटरी पर नहीं आ रही हैं। हालत यह है कि एमआरआई (मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) जांच के लिए मरीजों को नाै-दस माह बाद का समय दिया जा रहा है। शनिवार को भी अस्पताल में एमआरआई कराने पहुंचे मरीज और तीमारदार जांच के लिए अनुनय विनय करते नजर आए। दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन की ओर से एक ही एमआरआई मशीन उपलब्ध होने और मरीजों के अत्यधिक दबाव को समस्या की वजह बताई जा रही है।

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उतरांव थाना क्षेत्र के बलरामपुर निवासी राजेश चौरसिया शनिवार को पत्नी की रीढ़ की हड्डी में दर्द का उपचार कराने एसआरएन अस्पताल पहुंचे थे। चिकित्सक ने उन्हें तत्काल एमआरआई कराने की सलाह दी। इस पर जब वह जांच के लिए पहुंचे तो उन्हें 29 अप्रैल 2026 की तारीख दी गई। उन्होंने 27 जुलाई को पत्नी की आरओ-एआरओ परीक्षा का हवाला दिया। साथ ही कहा कि अगर ठीक से उपचार नहीं हुआ तो परीक्षा की तैयारियों पर पानी फिर जाएगा। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।

इसी तरह मऊआइमा के मदारी गांव निवासी राज कुशवाहा ने बताया कि उनकी मां को कमर और ब्रेन संबंधित समस्या है। डॉक्टर को दिखाने के बाद उन्होंने कुछ दवा देकर एमआरआई जांच कराने के लिए कहा लेकिन जब जांच के लिए एमआरआई कक्ष में पहुंचे तो वहां 29 अप्रैल 2026 का समय दे दिया गया। ये दोनों मामले तो सिर्फ बानगी है। ऐसे प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज एमआरआई जांच के लिए परेशान हो रहे हैं। मजबूरी में मरीजों को निजी जांच केंद्रों में जेब ढीली करनी पड़ रही है।
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इस संबंध में अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीलम सिंह का कहना है कि अस्पताल में केवल एक ही एमआरआई मशीन है और मरीजों का दबाव काफी अधिक है। दूसरी मशीन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार चल रहा है।

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