उफनाई गंगा-यमुना में शनिवार को जलस्तर तेजी से घटने लगा। इससे कछारी इलाकों में बाढ़ की आशंका से घिरे हजारों परिवारों ने राहत की सांस ली है। हालांकि इस दिन भी गंगा में बांधों से 2.70 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। कहा जा रहा है कि अगर दोबारा यमुना में जल दबाब नहीं बढ़ा तो इस बार बाढ़ का संकट पूरी तरह टल जाएगा।
शनिवार की शाम चार बजे से रात आठ बजे के बीच फाफामऊ में गंगा पांच सेंमी और छतनाग में 15 सेंमी नीचे आ गईं। जबकि नैनी में यमुना में चार घंटे के दौरान 16 सेंमी जलस्तर घट गया।
दोनों नदियों में फिलहाल चार-चार सेंमी प्रति घंटा की रफ्तार से जल स्तर घट रहा है। सिंचाई बाढ़ खंड की ओर से देर शाम फाफामऊ में गंगा 80.95 मीटर, छतनाग में 79.99 मीटर पर रिकार्ड की गईं। इसी तरह यमुना का जलस्तर 80.56 मीटर दर्ज किया गया। उधर, गंगा में बांधों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इस दिन हरिद्वार से 60,158 क्यूसेक, नरोरा से 26,965 क्यूसेक और कानपुर से 1,82,996 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया।