बेगमबाजार-भगवतपुर आरओबी के निर्माण पर छाए संकट के बादल टलने के आसार हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की रक्षा मंत्रालय से वार्ता के बाद इस आरओबी पर एनओसी को लेकर सेना से फंसे विवाद को दूर कराने की दिशा में पहल शुरू हो गई है।
समाधान निकालने के लिए एयरपोर्ट अथारिटी, वायुु सेना और सेतु निगम की सयुक्त बैठक बुलाई गई है। इससे पहले सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक ने वायु सेना के अफसरों से मुलाकात कर गतिरोध खत्म कराने के उपायों पर चर्चा की, ताकि करोड़ों रुपये की लागत वाली इस परियोजना को शुरू कराया जा सके।
कुंभ के समय से अधर में लटके बेगमबाजार-भगवतपुर आरओबी का निर्माण पूरा कराने की दिशा में पहल शुरू हो गई है। वर्ष 2019 के दिव्य कुंभ से पहले एनओसी न लिए जाने को लेकर वायु सेना की आपत्ति के बाद इस आरओबी का निर्माण रोक दिया गया था। इसके बाद मुख्य सचिव स्तर पर तीन दौर की हुई बैठकों के बाद भी गतिरोध दूर करने की दिशा में प्रगति नहीं हो सकी थी और तब इस परियोजना को स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा था।
37 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस आरओबी पर सेतु निगम ने वायु सेना की एनओसी के बिना ही 89 फीसदी काम पूरा कर लिया है। लेकिन, सुरक्षा कारणों से वायु सेना इस आरओबी की डिजाइन को उपयुक्त नहीं मान रही है। इस बीच डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने रक्षा मंत्रालय से इस आरओबी को शुरू कराने के लिए वार्ता की है।
इसकेअलावा मंत्रालय को पत्र भी लिखा है। इसके बाद इस आरओबी को लेकर समाधान निकालने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। सेना और रेलवे से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी गई है। सेतु निर्माण निगम के अफसरों का कहना है कि डिप्टी सीएम की पहल पर इस आरओबी के निर्माण के लिए एनओसी से जुड़े मसले पर पहल तेज हो गई है।
सेतु निगम के अफसरों का कहना है कि सात सौ मीटर लंब इस आरओबी की उंचाई 10 मीटर है। निर्माण चूंकि लगभग पूरा हो चुका है, ऐसे में अब पुल की ऊंचाई कम नहीं की जा सकती। वायु सेना की आपत्ति है कि वहां आरओबी बनने से हवाई पट्टी पर लड़ाकू विमानों की उड़ान पर असर पड़ेगा।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर फिर से बेगम बाजार आरओबी की एनओसी के लिए साझा बैठक बुलाई गई है। वायु सेना के अफसरों से सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक की भी वार्ता चल रही है। जल्द ही समाधान निकलने की उम्मीद है।
- आरके सिंह, मुख्य परियोजना प्रबंधक, राजकीय सेतु निर्माण निगम, प्रयागराज।