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UP: प्रेमिका को मारकर सेप्टिक टैंक में डाला, फिर चार दिन बाद दूल्हा बन रचाई शादी; दिल दहलाने वाला खुलासा

Sat, 10 Jun 2023 03:29 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रयागराज के करछना थाने के पास एक युवक ने अपनी प्रेमिका की हत्या कर दी। इसके बाद उसका शव सेप्टिक टैंक में डाल दिया। फिर उसने प्लास्टर भी करा दिया। इतनी ही नहीं, आरोपी ने प्रेमिका को मारने के चार दिन बाद ही दूसरी लड़की से शादी कर ली।
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युवक ने प्रेमिका को मार डाला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सनसनीखेज खबर सामने आई है। करछना थाने से महज दौ सौ मीटर दूर एक निर्माणाधीन मकान में प्रेमी ने प्रेमिका की हत्या कर उसका शव सेप्टिक टैंक में छिपा दिया। वहां बाद में प्लास्टर भी करा दिया। कातिल ही प्रेमिका की मां को थाने ले गया और उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। 
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कॉल डिटेल से मामले का खुलासा हुआ। उधर, हत्या के चार दिन बाद प्रेमी ने शादी भी रचा ली। पुलिस ने प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, करछना थाना इलाके के महेवा गांव के कुंजल वैश्य का पूरा निवासी राज केसर चौधरी (34) पिछले 24 मई की शाम से लापता थी। 

उसने घरवालों को बताया था कि आशीष कुमार गौतम निवासी मुंगारी के पास जा रही है। दोनों एक दूसरे को पहले से ही जानते थे। वह लौट कर नहीं आई तो परिजनों ने उसे फोन किया, लेकिन मोबाइल बंद था। 
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इस पर उसकी मां और भाई अमित ने आशीष को फोन कर उसके बारे में पूछा तो उसने किसी भी जानकारी से साफ इनकार कर दिया। 28 मई को जब आशीष की शादी बाराबंकी में हो गई तो राज केसर की मां गुलाबकली और भाइयों को अनहोनी की आशंका हुई। 

उन्होंने फिर आशीष से पूछताछ की। लेकिन वह गुमराह करता रहा। पुलिस के मुताबिक वह खुद 30 मई को राज केसर की मां और भाई को साथ लेकर करछना थाने आया और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

 

पुलिस ने जांच शुरू की तो मोबाइल के सीडीआर से कुछ क्लू मिला। पुलिस ने सख्ती की तो आशीष ने राज केसर की हत्या कर सेप्टिक टैंक में डालने की बात कबूल ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस आशीष के बसरिया के नए प्लॉट पर पहुंची और यहां बने सेप्टिक टैंक से राज केसर के शव को बरामद किया।

 

पुलिस के मुताबिक आशीष ने सेप्टिक टैंक में शव के ऊपर मिट्टी और बालू डालने के साथ प्लास्टर भी करवा दिया था। राज के भाई कृष्णा का आरोप है कि आशीष ने बहन के पैसे से ही मकान बनवाया और बहन ने जब शादी का दबाव डाला तो हत्या कर दी।

बताया जा रहा है कि आशीष और राज केसर काफी दिनों तक लिव इन में रहे। दोनों को एक साथ अक्सर देखा जाता था और इनके परिवार के लोगों को भी इनके संबंध की जानकारी थी। मामला उस समय उलझ गया जब आशीष ने शादी की बात होने लगी। प्रेमिका की हत्या करने के चार दिन बाद 28 मई को आशीष ने बाराबंकी में जाकर शादी कर ली। 24 मई को आशीष ने बातचीत के लिए राजकेसर को बुलाया था लेकिन मामला बिगड़ गया और आशीष ने राज की हत्या कर दी। इसके बाद अपने दोस्तों अशोक गौतम और राकेश यादव की मदद से शव को ठिकाने लगा दिया। 

2016 में आए थे दोनों संपर्क में
अपनी प्रेमिका की हत्या का शव सेफ्टी टैंक में छिपाने वाले प्रेमी आशीष की बहन की शादी कुंजल वैश्य के पुरा में वर्ष 2016 में हुई थी। इसी के बाद से आशीष राज केसर चौधरी से संपर्क में आया था। दोनों कई साल तक लिव इन रिलेशन में थे। आशीष की शादी तय होने के बाद ही दोनों के रिश्ते में खटास आई थी। इसकी जानकारी राज के परिजनों को भी थी।

 

उनका कहना था कि आशीष ने अपनी शादी की बात राज केसर से छिपाई थी। जब शादी की बात सामने आई तो 24 मई को आशीष ने उसे बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन बात बिगड़ गई और आशीष ने राज की हत्या कर दी। घटना स्थल पर पहुंची राजकेसर की मां ने बताया आशीष का उसके घर में बराबर आना जाना रहता था। 

राज केसर की अन्य बहनों की हो गई थी शादी
आशीष के साथ चक्कर चलने के चलते राज केसर ने अपनी शादी नहीं की। उसकी दो छोटी बहनों की शादी हो गई थी, लेकिन राज केसर आशीष से ही शादी करने की जिद पर अड़ी थी। आशीष प्रेमिका से पीछा छुड़ाने लगा था, जिस पर उसका राज केसर से आए दिन विवाद होता था। जब से आशीष ने अपनी शादी दूसरी लड़की से करने की बात प्रेमिका से बताई तब से दोनों के रिश्तों में खटास आने लगा था। 

प्रेमिका के पैसे से खरीदा है फ्लैट
राज केसर के परिजनों का आरोप है कि आशीष अपनी प्रेमिका राज केसर के पैसे से ही गांव में फ्लैट लिया था। उसने राज को झांसा दिया था कि वह फ्लैट खरीद लेगा तो शादी के बाद दोनों इसी में रहेंगे। राज के पास पैसे की कमी नहीं थी। पिता की मौत के बाद उसे मोटी रकम बीमे के तौर पर मिली थी। साथ ही वह खुद भी ब्यूटी पार्लर से अच्छी कमाई करती थी। इसका फायदा उठाकर आशीष उससे पैसा भी ऐंठता था। आशीष और उसका परिवार पढ़ा लिखा है लेकिन इसकी आमदनी का कोई विशेष साधन नहीं था। लोगों के आय, निवास आदि कागजात बनावकर वह कुछ पैसे कमा लेता था।

ब्यूटी पार्लर और सिलाई सेंटर चलाती थी राज
करछना। राजकेसर चौधरी गांव में ही सिलाई सेंटर और ब्यूटी पार्लर चलाती थी। पिता की 2015 मे मृत्यु के बाद वह बड़ी होने के नाते घर का सारी जिम्मेदारी उठा रही थी और वह हमेशा करती थी कि बहनों की शादी के बाद अपनी शादी करूंगी। मौके पर प्रभारी निरीक्षक करछना विश्वजीत सिंह के साथ थाने से महिला सिपाही और पुलिस मौजूद रही। आशीष तहसील और ब्लाक में शादी अनुदान के लिए लोगों का काम करवाता था। 
 
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बसपा नेता के रिश्तेदार है हत्यारोपी
प्रेमिका की हत्या करने वाला हत्यारोपी आशीष बसपा के एक बड़े नेता का रिश्तेदार है। प्रेमिका की हत्या के बाद वह मामले को नया मोड़ देने के लिए प्रेमिका के परिवार वालों के साथ उसकी तलाश के साथ ही अपने रिश्तेदार के प्रभाव का इस्तेमाल कर पुलिस पर भी उसकी खोजबीन के लिए दबाव डाल रहा था।
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