कटरा में दुर्गा पूजा पंडाल का गेट तेज आंधी में गिरा।
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कई पूजा पंडालों में भारी नुकसान, तैयारी पर पड़ सकता है असर
साउथ मलाका बारवारी दुर्गा पूजा कमेटी के शुभांशु बोस के मुताबिक पूजा पंडाल के बाहर लगा गेट तेज आंधी के दौरान जमीन पर गिर गया। यहां बिजली की सजावट भी प्रभावित हुई है। स्वर्ण जयंती वर्ष मना रही मीरापुर बारवारी कमेटी के अध्यक्ष श्यामल राय ने बताया कि जहां मां की मूर्ति है, वह स्थान वाटर प्रूफ है, लेकिन बाहर पंडाल के पर्दे और मैटिंग उड़ गईं।
तेज आंधी और चक्रवात के दौरान नेतानगर, बाई का बाग, कटघर, अशोक नगर, दरभंगा, कर्नलगंज के उन पूजा पंडालों की सजावट प्रभावित हुई है, जो निर्माण के अंतिम दौर में थे। कहीं-कहीं तो पंडाल के बाहर बने स्टॉल और अस्थायी दुकानों में लगे कपड़े फट कर उड़ गए। अचानक बदले मौसम में कई पंडालों में देवी प्रतिमाओं की स्थापना की तैयारियों पर असर पड़ सकता है।
शुक्रवार की रात आई तेज आंधी से साउथ मलाका दुर्गा पूजा पंडाल के पास गिरा गेट।
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रामलीला में बाधा, बारिश में भी डटे रहे दर्शक
पथरचट्टी रामलीला कमेटी के लीला स्थल पर तेज हवाओं और बारिश का दो बार खलल पड़ा। संचालक मंडल के राजीव गुप्ता के मुताबिक लीला को अंतिम दौर में कुछ देर के लिए दो बार रोकना पड़ा। बाद में देर रात तक बूंदाबांदी और बौछारों के बीच लीला का मंचन पूर्ण हुआ। इस दौरान दर्शक डटे रहे। वहीं पजावा रामलीला के मंचन में भी बाधा पड़ी लेकिन वहां भी लीला का कार्यक्रम पूरा किया गया। करेली के नयापुरवा में राम दल तेज आंधी की वजह से करीब पौने ग्यारह बजे निकाला गया। वहां बारिश नहीं हुई, बूंदाबांदी से मौसम खुशनुमा हो गया।
लौटता मानसून कराएगा बदलाव का एहसास, बूंदाबांदी के आसार
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब क्षेत्र की तीव्रता की वजह से मौसम में बदलाव संभावित है। शनिवार को हवाओं की गति तेज रहने के साथ बूंदाबांदी की संभावना है। इस वजह से शनिवार को प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़ समेत प्रदेश के कई स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना है। बादलों की आवाजाही संग धूप-छांव का मौसम बना रहेगा।