संगम पर बुधवार की शाम नहाते समय बीएचएस का छात्र अर्पित गुप्ता डूब गया, जबकि उसकी दोस्त को बचा लिया गया। एक घंटे की मशक्कत के बाद अर्पित का शव खोज निकाला गया। हादसे का घरवालों को पता चला तो कोहराम मच गया। बेटे का शव देख मां-बाप के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। वहीं साथी छात्रा को उपचार के बाद घरवालों को सौंप दिया गया।
मम्फोर्डगंज के फव्वारा चौराहे के रहने वाले मनोज गुप्ता की घर के पास ही इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान है। उनके दो बेटों में छोटा अर्पित (16) बीएचएस में 12वीं का छात्र था। बुधवार की शाम को उसने अपनी दोस्त के साथ संगम जाने का प्लान बनाया था। वह घरवालों से बिना कुछ बताए स्कूटी लेकर निकल गया और राजापुर में रहने वाली दोस्त को साथ लेकर संगम पहुंचा। वहां दोनों कुछ देर बैठे रहे। फिर अचानक अर्पित ने नहाने की इच्छा जताई। उसकी दोस्त ने उसे रोका, लेकिन वह नहीं माना और नदी में उतर गया।
अर्पित पानी में आगे बढ़ने लगा, तभी आंधी आ गई। तेज हवा के कारण वह खुद को संभाल नहीं सका और गहरे पानी में चला गया। जब वह डूबने लगा तो उसकी दोस्त घबरा गई। वह भी उसे बचाने पानी में कूद गई, लेकिन वह भी डूबने लगी। यह देख वहां मौजूद एक शख्स ने छात्रा को तो बचा लिया, लेकिन तब तक अर्पित डूब चुका था। आंधी खत्म होने के बाद अर्पित की तलाश शुरू हुई।
जल पुलिस और दारागंज पुलिस भी पहुंच चुकी थी। जल पुलिस और प्राइवेट गोताखोरों ने अर्पित को ढूंढना शुरू किया। उसकी दोस्त से पूछ कर अर्पित के घर वालों को भी सूचित कर दिया गया। छात्रा के घरवाले भी संगम पर पहुंच गए थे। इंस्पेक्टर धाकेश्वर सिंह ने बताया कि दोनों घरवालों से बिना बताए संगम स्नान करने चले आए थे।
नहीं रुक रहे थे मां-बाप के आंसू
अर्पित के पिता मनोज को जब फोन गया तब तक उन्हें कुछ पता ही नहीं था। हादसे की खबर सुनकर उन पर जैसे पहाड़ टूट पड़ा। मां के आंसू नहीं रुक रहे थे। जब संगम से अर्पित का शव निकाला गया, वहां हाहाकार मच गया। अर्पित दो भाइयों और एक बहन में छोटा था।