अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने बृहसपतिवार को एक बार फिर देश में कॉमन सिविल कोड लागू करने को लेकर आवाज उठाई। परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने मुसलमानों की लगातार बढ़ रही आबादी पर चिंता जताते हुए इस पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार से दो बच्चों का कानून लागू करने की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि देश में मुसलमानों को अल्पसंख्यक का दर्जा मिला हुआ है, लेकिन इसके बावजूद अल्पसंख्यक लगातार बहुसंख्यकों पर अत्याचार कर रहे हैं। प्रयागराज में जहां एक मुस्लिम महिला हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार हुई है, वहीं अयोध्या का राम मंदिर बने बगैर कुछ असामाजिक तत्व मंदिर गिराने की बात कर सनातन संस्कृति को ललकार रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि देश में बढ़ रही मुस्लिम आबादी आने वाले दिनों में बड़ा खतरा बन सकती है। जिस रफ्तार से मुसलमानों की आबादी बढ़ रही है, उससे आने वाले दिनों में बहुसंख्यकों का जीना दुश्वार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मुसलमान तीन -तीन शादियां करते हैं और 20-20 बच्चे पैदा करते हैं। अगर ऐसी स्थिति बनी रही तो यह देश पर बोझ बन जाएंगे।
महंत कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि वह अपने को अल्पसंख्यक कहना छोड़ दें और हिंदुओं को धमकाना भी छोड़ दें। महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि अगर मुसलमानों की आबादी को रोकने के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून नहीं लाया गया तो आने वाले दिनों में देश में भयावह स्थिति पैदा हो जाएगी।
उन्होंने मुस्लिम बुद्धिजीवियों से भी अपील की कि जनसंख्या नियंत्रण को लेकर लोगों को जागरूक करें। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद इस मामले में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को एक ज्ञापन भी सौंपेगा।