बजट 2020 पेश करने के दौरान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण
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कोविड-19 की वजह से लंबा घाटा सहने के बाद प्रयागराज के व्यापारियों को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ी राहत दी है। जीएसटी काउंसिल में लिए गए निर्णय के अनुसार ऐसे व्यापारी जिनका टर्नओवर पांच करोड़ तक का है और वह अपना रिटर्न नहीं भर सके हैं, उनके विलंब शुल्क पर 50 फीसदी ब्याज घटा दिया गया है। इसका फायदा प्रयागराज मंडल के 50 हजार से ज्यादा व्यापारियों को मिलने जा रहा है।
इतना ही नहीं जिन व्यापारियों ने जुलाई 17 से जनवरी 20 तक जीएसटीआर 3-बी दाखिल नहीं किया है और उन पर कोई देय नहीं है तो उनका विलंब शुल्क समाप्त कर दिया गया है। प्रयागराज परिक्षेत्र के तमाम जिलों में तकरीबन 75 हजार व्यापारी पंजीकृत हैं। कोविड-19 की वजह से कारोबार को पटरी पर लाने का व्यापारी अनलॉक होने के बाद से ही प्रयास कर रहे हैं।
प्रयागराज के अधिकांश व्यापारियों की निगाहें जीएसटी काउंसिल की बैठक पर थीं। फिलहाल पांच करोड़ तक के टर्नओवर वाले करदाताओं को सरकार से राहत मिली है। ऐसे व्यापारियों की संख्या प्रयागराज रीजन में 50 हजार से ज्यादा है। दरअसल, काउंसिल की बैठक में यह शर्त रखी गई थी कि सभी रिटर्न एक जुलाई से 30 सितंबर 2020 तक दाखिल किए जाएंगे।
वहीं जिन व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन 12 जून 2020 तक कैंसल हो गया है, वह 30 सितंबर तक का प्रार्थना पत्र दे सकते हैं।
साथ ही ऐसे व्यापारी जिनका टर्न ओवर पांच करोड़ से कम है और फरवरी से अप्रैल के जीएसटीआर 3-बी रिटर्न छह जुलाई तक फाइल नहीं किया है, वह 30 सितंबर तक उसे दाखिल कर सकते हैं।
उनके ऊपर 18 प्रतिशत की बजाय नौ प्रतिशत के हिसाब से ही ब्याज निर्धारित किया जाएगा। वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन एके राय का कहना है कि इसका नोटिफिकेशन जल्द ही जारी होगा। निश्चित ही व्यापारियों को राहत मिली है। उधर, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार कल्याण समिति के संयोजक संतोष पनामा का कहना है कि व्यापारी हित में केंद्र सरकार ने सराहनीय कदम उठाया है। संगठन इस निर्णय का स्वागत करता है।