बताया जा रहा है कि मेयर का टिकट संगठन डिप्टी सीएम केेशव प्रसाद मौर्य से विचार विमर्श के बाद ही घोषित करेगा। केशव खुद भाजपा में पिछड़ी जाति के प्रदेश में सबसे बड़े पार्टी के चेहरे हैं। ऐसे में बिना उनकी सहमति के कम से कम प्रयागराज में प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं होगी। इसी वजह से टिकट के तमाम दावेदार केशव मौर्य से ही मुलाकात करने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। कुछ ने जहां मुलाकात कर ली है तो कुछ ने उनसे मुलाकात का वक्त भी मांगा है।
उधर सोशल मीडिया में भी टिकट के तमाम दावेदार पूर्व विधायक दीपक पटेल, प्रदेश महिला मोर्चा मंत्री कविता यादव, कारोबारी पदुम जायसवाल, विवेक जायसवाल, पूर्व उपमहापौर अनामिका चौधरी, अनीता सचान, काशी प्रांत उपाध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता एवं पूर्व विधायक करण पटेल के पुत्र डा. विक्रम पटेल, पार्षद किरन जायसवाल आदि के समर्थक खासे सक्रिय हैं।
सभी यह मानकर चल रहे हैं कि उन्हीं के नेता को पार्टी टिकट देगी। उधर नगर निगम सीमा का विस्तार होने के बाद चार लाख से ज्यादा वोटर जुड़ जाने से सामाजिक समीकरण भी बदल गया है। बदले हुए समीकरण में पटेल एवं अन्य पिछड़ी जाति के काफी वोटर विस्तार वाले क्षेत्र में है। इन्हीं सब समीकरण को ध्यान में रखते हुए ही पार्टी मेयर का प्रत्याशी तय कर सकती है।