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Prayagraj Murder Case : जिस बेटे को शरीफ मानते थे लोग, उसी ने माता-पिता और बहन का किया कत्ल, खुद भी मारा गया

Wed, 03 Jun 2026 08:03 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Prayagraj Murder : साउथ मलाका में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। मंगलवार को कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटी और बेटे की लाश घर में पाई गई थी। सिर को कूंचकर उनकी हत्या की गई थी। हत्या को अंजाम रविवार को ही दिया गया था। जिस बेटे की लाश कारोबारी के साथ पाई गई थी, उसी ने दोस्त के साथ मिलकर माता-पिता और बहन की हत्या की थी। इसके बाद दोस्त के हाथों वह भी मारा गया। 
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प्रयागराज के साउथ मलाका में हुए सामूहिक हत्याकांड का खुलासा करते पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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शहर के साउथ मलाका में हुए कारोबारी, उनकी  पत्नी, बेटी और बेटे के सामूहिक हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्या को अंजाम कारोबारी के बेटे ने ही दिया था, जो बाद में खुद भी बंटवारे के विवाद दोस्त के हाथों मारा गया। पुलिस के अनुसार कारोबारी के बेटे अभिषेक ने ही अपने एक दोस्त की मदद से अपने माता-पिता, बहन की हत्या कर दी। इसके बाद घर में रखे सारे जेवरात लूट लिए। बंटवारे को लेकर विवाद होने के बाद दोस्त ने अभिषेक को भी मौत के घाट उतार दिया। पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने बुधवार को घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार रविवार को हत्याकांड को अंजाम दिया गया था, जबकि बदबू आने पर मंगलवार को घटना का पता चला था। इस मामले में चौकी इंचार्ज समेत दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। 

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अपने दोस्त को साथ मिलकर बनाई हत्या की योजना

अभिषेक वैश्य ने अपने दोस्त शनि गुप्ता के साथ मिलकर अपने ही घर में लूटपाट और माता-पिता और बहन के सफाए की योजना बनाई। उसके बुलावे पर शनि गुप्ता रविवार की रात को लोहे की पाइप लेकर आ गया। पहले दोनों ने बैठकर बीयर पी। इसके बाद दोनों ने मिलकर कारोबारी, उनकी पत्नी और बेटी की हत्या कर दी। इसके बाद पूरे घर में लूटपाट कर जेवरात और नकदी को एकत्र किया। मौके पर ही दोनों के बीच लूट के माल के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद शनि गुप्ता ने अभिषेक की भी हत्या कर दी। बहुत ही शातिर तरीके से उसने गत्ते पर लिख दिया, बंटी और बबली ने मारा है। ताकि हत्या का आरोप कारोबारी के छोटे बेटे और बहू पर लगे। छोटा बेटा फिलहाल जेल में बंद है। 


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सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज

एसओजी, सर्विलांस और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में एक व्यक्ति मृतक वीरेंद्र वैश्य के कपड़े और जूते पहनकर परिसर से निकलता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों से पूछताछ में उसकी पहचान शनि गुप्ता के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने मटियारा क्षेत्र स्थित उसके घर से उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में कबूला पूरा घटनाक्रम

पुलिस पूछताछ में आरोपी शनि गुप्ता ने बताया कि उसकी दोस्ती अभिषेक वैश्य से थी। अभिषेक आर्थिक तंगी और संपत्ति विवाद से परेशान था। दोनों ने मिलकर परिवार की हत्या और जेवर लूटने की योजना बनाई। 31 मई की शाम सबसे पहले बहन मीनाक्षी की हत्या की गई। इसके बाद माता-पिता वीरेन्द्र और अनीता वैश्य को लोहे की रॉड से मार डाला गया। वारदात के बाद दोनों ने हत्या को दूसरे लोगों पर थोपने की कोशिश भी की।

शनि गुप्ता, हत्या का आरोपी। - फोटो : अमर उजाला।

जेवरों के लालच में दोस्त को भी मार डाला

परिवार के तीन सदस्यों की हत्या के बाद जब जेवरों के बंटवारे की बात आई तो शनि और अभिषेक के बीच विवाद हो गया। पुलिस के अनुसार लालच में आकर शनि ने अभिषेक की भी लोहे के पाइप से हत्या कर दी। इसके बाद उसने सबूत मिटाने के लिए शवों पर डिटर्जेंट, हार्पिक, ब्लीचिंग पाउडर, हल्दी और सरसों का तेल डाला और घटनास्थल की सफाई की।

एक किलो से अधिक जेवर बरामद

गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लोहे का पाइप, 1002.12 ग्राम सोने के आभूषण, 360.56 ग्राम चांदी के आभूषण और एक हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में लूट की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।

पुलिस टीम को मिलेगा 50 हजार का इनाम

हत्याकांड का महज 12 घंटे में सफल अनावरण करने वाली एसओजी, सर्विलांस और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम को पुलिस विभाग की ओर से 50 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की गई है। पुलिस आयुक्त ने टीम की सराहना करते हुए इसे तकनीकी जांच और त्वरित कार्रवाई का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।

टाइम लाइन

कब क्या हुआ

  • दोपहर 2:45 बजे मिली पुलिस को सूचना
  • 3:00 बजे पुलिस मौके पर पहुंची
  • 3:50 फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची
  • 4:57 बजे डीसीपी मौके पहुंचे
  • 5:40 बजे अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजय पाल शर्मा पहुंचे
  • 5:46 बजे पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार पहुंचे
  • 5:31 बजे पहला शव बाहर निकाला गया
  • 5:54 बजे दूसरा शव बाहर निकाला गया
  • 5:57 बजे तीसरा शव बाहर निकाला
  • 6:08 बजे रिश्तेदारों का पहुंचना शुरू हुआ
  • 7:05 बजे अभिषेक का शव बाहर निकाला
  • 8:15 बजे तक घर को सर्च किया गया
     

अभिषेक की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा और बेटी की हुई थी सिर कूंचकर हत्या

मंगलवार को शहर के बीचों-बीच साउथ मलाका चौराहा स्थित मकान में कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा और बेटी की सिर कूंचकर हत्या कर दी गई। दुर्गंध आने पर घर का ताला तोड़ा गया तो कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), पत्नी अनीता (65), बेटी मीनाक्षी (45) और बेटे अभिषेक (40) के शव अलग-अलग कमरे में खून से लथपथ पड़े मिले। चारों के सिर पर गहरी चोट के निशान थे। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये की संपत्ति के लालच में वारदात को अंजाम देने की आशंका जताई गई है।

हर माह आता था करीब एक लाख रुपये किराया

वीरेंद्र कुमार वैश्य साउथ मलाका चौराहा स्थित अपने घर में पत्नी, बेटी और बड़े बेटे के साथ रहते थे। छोटे बेटे अश्वनी को उन्होंने करीब 15 साल पहले संपत्ति से बेदखल कर दिया था। करीब 200 वर्ग गज के इस मकान के भूतल में 14 दुकानें हैं। इनमें 12 किरायेदार हैं। उक्त दुकानों से हर महीने एक लाख रुपये से अधिक का किराया आता है। एक दुकान अभिषेक की है। दूसरी बेटी मीनाक्षी की है। मीनाक्षी ने हाल ही में गिफ्ट गैलरी के नाम से काम शुरू किया था। इस दुकान पर बेटी के साथ वीरेंद्र भी बैठते थे। वीरेंद्र की पत्नी अनीता बीमारी की वजह से पहली मंजिल पर बने कमरे में रहती थीं।

अनीता वैश्य की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

मकान में बाहर से जड़ा हुआ था ताला

मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी कि मकान से तेज दुर्गंध आ रही है। कोतवाली पुलिस पहुंची तो घर में ताला जड़ा हुआ था। ताला तोड़कर पुलिस ऊपर कमरे में पहुंची तो वीरेंद्र और उनकी पत्नी के शव बेड पर पड़े थे। खोजबीन के दौरान बगल वाले कमरे में बेटी का शव फर्श पर पड़ा मिला। उसके सिर पर गहरे चोट के निशान थे। पुलिस ने भारी वस्तु से हमला करने की आशंका जताई है। तीनों के शव मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजय पाल शर्मा, डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य, नीरज पांडेय समेत अन्य आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए।

प्रयागराज में कारोबारी का घर और दुकानें - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

रविवार 12 बजे तक पड़ोसियों ने देखा

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वीरेंद्र कुमार किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। रविवार सुबह घर के बाहर उन्हें सफाई करते देखा गया था। आखिरी बार दोपहर करीब 12 बजे देखा गया। बेटा घर के बाहर घूम रहा था। इसके बाद से किसी को कुछ पता नहीं है। सोमवार व मंगलवार को गिफ्ट की दुकान नहीं खोली गई थी। दुर्गंध आई तो मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

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प्रयागराज में कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा व बेटी की सिर कूंचकर हत्या, मौके पर पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूरा मकान खंगालने के बाद दुकान में मिला बेटे का शव

पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार के निर्देश पर पूरे मकान को खंगाला गया। घर के एक-एक कमरे की स्थिति समझी गई। इस दौरान तीन शव मिलने की बात ही सामने आई। चर्चा होती रही कि बेटा लापता है। इसी बीच पुलिस ने दुकान खुलवाई तो देर शाम बेटे अभिषेक का शव भी पड़ा मिला। उसके सिर पर भी गंभीर चोट के निशान थे। चेहरा काला पड़ा हुआ था। उसे पहचानना मुश्किल हो रहा था। आसपास के लोगों से पहचान कराई गई।
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