निवेश कराने के बाद किया जाता है फ्रॉड
कोई भी व्यक्ति डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साइन अप करने के बाद ई वॉलेट में रकम भेज सकता है। इसके बाद उसी रकम से कोई डिजिटल करंसी खरीदी या बेची जा सकती है। साइबर शातिर इसी का फायदा उठाते हैं। वे अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाकर लोगों से पैसों का निवेश करवा लेते हैं और रकम हड़प कर फरार हो जाते हैं। लोग शिकायत करते हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं होता, क्योंकि शातिर तब तक प्लेटफॉर्म बंद कर दूसरा प्लेटफॉर्म खोल चुके होते हैं।
मार्केट में कई तरह की डिजिटल करंसी
प्रयागराज। दुनिया में कई तरह की डिजिटल करंसी चल रही हैं। इसमें मुख्य रूप से बिट्क्वाइन, इथेरियम, डॉगक्वाइन लिटक्वाइन, फेयरक्वाइन और डैश आदि हैं। एक तरह से डिजिटल रुपये को हम छू नहीं सकते लेकिन अपने ई वॉलेट में रख सकते हैं। उन्हें बढ़ता या घटना हुआ देख सकते हैं।
हम लोगों को यही सलाह देते हैं कि जब तक क्रिप्टोकरंसी को लेकर कोई कानून न बन जाए, लोग इसमें निवेश न करें। तमाम लोग शिकायतें लेकर आते हैं कि उनके रुपये डूब गए। नाइजीरिया का एक गिरोह इस समय दिल्ली और उत्तर प्रदेश में क्रिप्टोकरंसी के माध्यम से ठगी कर रहा है। पुलिस गिरोह को पकड़ने का प्रयास कर रही है। - राजीव तिवारी, साइबर थाना प्रभारी