कोरोना का प्रकोप जैसे-जैसे बढ़ता जा रहा है बाजार में वैसे-वैसे मास्क, सेनेटाजर की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। जिन दुकानों पर मास्क और सेनेटाइजर मिल भी रहा है, उसका रेट पहले के मुकाबले डेढ़ से दो गुना लिया जा रहा है। बीमारी के भय से लोग इसकी खरीददारी भी कर रहे हैं।
इलाहाबाद केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि डिमांड को देखते हुए मास्क और सेनिटाइजर मंगाया जा रहा है। हालांकि, जितनी मांग है उसके मुकाबले आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
पिछले पांच-छह दिनों से जबसे इसका प्रकोप देश और प्रदेश में बढ़ा है। लगातार आ रही खबरें को देखते हुए लोग एहतियातन मास्क और सेनेटाइजर की मांग करने लगे हैं। मांग बढ़ने पर दवा की दुकानों पर इसका रेट बढ़ गया है। एन-95 मास्क ढाई सौ रुपये तो ब्लैक कलर का मास्क जो 25 से 30 रुपये में मिलता था वह 100-100 रुपये में बिक रहा है। इसी तरह सामान्य सर्जिकल मास्क का रेट भी डेढ़ गुना में बिक रहा है।
इसी तरह सेनिटाइजर भी महंगे दाम में बिक रहा है। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में भर्ती कई मरीजों के तीमारदारों का कहना है कि 100 एमएल की सेनिटाइजर की सीसी 250 से तीन सौ रुपये में उनके द्वारा खरीदी गई। कांग्रेसी नेता संजय तिवारी ने कहा कि बुधवार को उन्होंने मास्क और सेनेटाइजर की खरीददारी के लिए कई दवा की दुकानों पर गया।
पहले तो मिला ही नहीं। जहां मिला वहां भी मात्रा कम रही और रेट भी अधिक रहा। उधर, इलाहाबाद केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने कहा कि जो रेट प्रिंट है उससे अधिक दाम दुकानदार नहीं ले सकते हैं। थोक में इसके दाम पहले की तरह ही हैं। सौ एमएल सीसी सेनेटाइजर के दाम थोक में 90 से 100 रुपये है।
उसे फुटकर दुकानदार 180 रुपये तक में बेच रहे हैं। इसी तरह एन-95 मास्क भी 180 रुपये तक में बेचा जा रहा है। अगर कहीं कोई भी फुटकर दुकानदार ज्यादा पैसे लेता है तो गलत है। मुश्किल समय में ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट एसोसिएशन लोगों के साथ है।