विपणन निरीक्षकों का अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार वापस हो गया। खाद्य आयुक्त तथा राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष से वार्ता के बाद आंदोलन वापस लेने की घोषणा की गई। हालांकि, आंदोलन के क्रम में विपणन निरीक्षकों ने शाम तक कोई काम नहीं किया। इससे खाद्यान्न के गोदाम तक पहुंचाने का काम प्रभावित हुआ।
गोदामों पर बिजली, शौचालय जैसी सुविधाओं का अभाव, स्टाफ की कमी समेत अनेक मुद्दों को लेकर यूपी फूड एंड सिविल सप्लाइज इंस्पेक्टर्स एंड ऑफिसर्स एसोसिएशन की ओर से कार्यबहिष्कार का आह्वान किया गया था। आंदोलन के समर्थन में विपणन निरीक्षकों ने जिला कार्यालय पर सांकेतिक धरना दिया। उन्होंने आरएमओ को ज्ञापन भी सौंपा।
हालांकि, कोरोना महामारी के दौरान आंदोलन की अनुमति नहीं है। ऐसे में शासन का काफी दबाव था। जिलाध्यक्ष राकेश सिंह ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व की आयुक्त के साथ सकारात्मक वार्ता के बाद आंदोलन वापस ले लिया गया। प्रदेश अध्यक्ष अरुण दत्त शर्मा की ओर से क्षेत्रीय विपणन अधिकारियों और निपरीक्षकों के लिए संदेश भी जारी किया गया है। उन्होंने लिखा है कि कुछ कमजोरियां रहीं लेकिन इस आंदोलन के माध्यम से हम संदेश देने में सफल रहे।
आपूर्ति निरीक्षक नहीं हुए शामिल
कार्य बहिष्कार में आपूर्ति निरीक्षक शामिल नहीं हुए। यूपी फूड एंड सिविल सप्लाइज इंस्पेक्टर्स एंड ऑफिसर्स एसोसिएशन के मंडल महामंत्री सुनील सिंह का कहना है कि आंदोलन के संबंध में उनसे कोई वार्ता नहीं हुई और न ही आपूर्ति निरीक्षक इसमें शामिल हुए।