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मौनी अमावस्या पर संगम तट पर हंगामा: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का रथ संगम जाने से रोका; साधुओं से धक्का-मुक्की

Sun, 18 Jan 2026 11:19 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Prayagraj Magh Mela : मौनी अमावस्या पर राजसी स्नान की तरह जुलूस निकालने पर पुलिस प्रशासन ने ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमक्तेश्वरानंद सरस्वती के रथ को संगम के पहले रोक दिया। इसको लेकर शंकराचार्य के समर्थकों और पुलिस में तीखी नोकझोंक हो गई। इसको लेकर संगम पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई है।
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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को संगम से पहले रोक दिया गया। - फोटो : अमर उजाला।
मौनी अमावस्या पर संगम स्नान करने जा रहे ज्योतिष्ठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को पुलिस प्रशास ने संगम जाने से रोक दिया। उनके रथ और जुलूस को रास्ते में रोकने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। रथ रोकने पर शंकराचार्य के समर्थक साधु-संतों और पुलिस में तीखी नोकझोंक हो गई। शंकराचार्य ने पुलिस और मेला प्रशासन पर मनमानी और तानाशाही करने का आरोप लगाया गया। घटना के चलते संगम पर अफरातफरी का माहौल हो गया।
 

 
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रथ रोके जाने के बाद संगम के पास बैठे शंकराचार्य। - फोटो : अमर उजाला।
पुलिस से झड़प की सूचना वायरलेस पर प्रसारित होने के बाद बड़ी संख्या में अधिकारी फोर्स के साथ संगम तट पर पहुंच गए। पुलिस ने अविमुक्तेश्वरानंद को रथ से नीचे नहीं उतरने दिया। कहा कि जुलूस के साथ संगम तट तक जाने की अनुमति नहीं है। 

पांच लोगों के साथ जाकर स्नान करें। इस पर शंकराचार्य ने आपत्ति जाहिर की और पुलिस प्रशासन के रवैये को मनमाना बताया। घटना के बाद देखते ही देखते पूरा संगम क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। गृह सचिव मोहित गुप्ता, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार, मेलाधिकारी ऋषिराज आदि अधिकारी पहुंच गए। 

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शंकाराच्य समर्थकों की पुलिस से हुई तीखी नोकझोंक। - फोटो : अमर उजाला।
20 से अधिक साधु लिए गए हिरासत में
पुलिस से झड़प के बाद शंकराचार्य के समर्थक 20 से अधिक साधु हिरासत में ले लिए गए हैं। संगम के घाटों पर स्नान चल रहा है। शंकराचार्य संगम के पहले ही समर्थकों के साथ बैठ गए हैं। 

 

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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थकों को पकड़ती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला।
शंकाराचार्य  के समर्थकों ने पांटून पुल के पास किया हंगामा
वहीं, शंकाराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को संगम स्नान से रोकने पर समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा है। हंगामा बढ़ने की आशंका पर पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है। शंकराचार्य के समर्थकों ने पांटून पुल संख्या चार के पास हंगामा किया। इससे बैरिकेडिंग टूट गई।
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संगम तट पर बनी तनाव की स्थिति
पुलिस शंकराचार्य को समझाने बुझाने में जुटी है। शंकराचार्य के समर्थकों की संख्या बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री से बात करने की कोशिश हो रही है। निर्देश मिलने के बाद निर्णय लिया जाएगा। मंडलायुक्त ने शासन के अधिकारियों से बात की है। शंकराचार्य रथ से नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं है।
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संगम के पास शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थक नारेबाजी करते हुए। - फोटो : अमर उजाला।
सीएम योगी  से बातचीत करने का प्रयास कर रहे अधिकारी
शंकराचार्य समर्थकों के साथ संगम के पास बैठ गए हैं। समर्थक लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। पुलिस के अधिकारियों ने शंकराचार्य को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह रथ से नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं हैं। अब अधिकारी मुख्यमंत्री से बातचीत करने का प्रयास कर रहे हैं। सीएम योगी की ओर से कुछ दिशा निर्देश मिलने पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है। 
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शंकराचार्य स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को समझाने का प्रयास करते अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने संगम स्नान करने से इन्कार कर दिया है। कहा कि हमारी आंख के सामने हमारे साथ आए साधु-संतों को मारा पीटा गया गया और उनको धक्का देकर दिया गया। कहा कि शंकराचार्य मान और अपमान से ऊपर होते हैं। साधु-संतों के साथ जिस तरह से अभद्रता और मारपीट की गई वह उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। 
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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिविर में धरने पर बैठे। - फोटो : अमर उजाला।
अपने शिविर में धरने पर बैठे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती  माघ मेले में त्रिवेणी मार्ग पर शंकराचार्य शिविर पर धरने पर बैठ गए हैं । यह जानकारी देते हुए शंकराचार्य  के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने बताया  कि शंकराचार्य जी ने कहा है कि जब तक पुलिस प्रशासन ससम्मन प्रोटोकॉल के साथ नहीं ले जाएगा तब तक गंगा स्नान नहीं करूंगा। 
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