Magh Mela 2026 : प्रयागराज माघ मेले की तैयारियां लगभग अंतिम चरण में हैं।
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बार-बार भूमि आवंटन को लेकर चर्चा में रहता है खाक चौक
खाक चौक और मेला प्रशासन के बीच भूमि आवंटन को लेकर विवाद कोई नया नहीं है। सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2003 में विवाद की शुरुआत तब हुई जब खाक चौक को काली सड़क से दक्षिण गंगा तट तक भूमि आवंटित होने वाली भूमि बाद में महावीर मार्ग के दक्षिण में दी जाने लगी। आपत्ति के बाद खाक चौक ने बहिष्कार किया था। आठ जनवरी 2003 को समझौते में तय हुआ कि अगले वर्षों में काली रोड से गंगा तट तक पूर्ववत भूमि दी जाएगी।
वर्ष 2013 कुंभ में खाक चौक को त्रिवेणी मार्ग के दक्षिण पटरी से संगम लोअर मार्ग तक भूमि आवंटित की गई। 2018- 19 कुंभ के दौरान फिर विवाद हुआ जब मेला प्रशासन ने गंगा की धारा बदलने और कटान का हवाला देकर सेक्टर 17 व 5 में खाक चौक को नई भूमि देने का निर्णय लिया। वर्ष 2020 में गंगा कटान और भूमि की कमी का हवाला देकर खाक चौक के संतों को सेक्टर तीन में मनसइता नदी के पास भूमि दी गई, जिस पर भी नाराजगी जताई गई। तब आश्वासन दिया गया कि भविष्य में पुराने स्थान पर ही भूमि आवंटन होगा।
खाक चौक के मंत्री रामनरेश दास चित्रकूट, रामसुभगचार्य महाराज सहित अन्य साधु-संतों का कहना है कि हर वर्ष उनकी भूमि बदली जाती है जिससे अस्थिरता और अविश्वास बढ़ता है। इस बार आवंटित भूमि दलदली होने की वजह से वे इसे लेने को तैयार नहीं हैं, और यही इस विवाद की जड़ है। यही कारण है कि खाक चौक भूमि आवंटन के समय हर बार चर्चा में रहता है।