उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सभी व्यवस्थाओं को और बेहतर किया जा रहा है। मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि वसंत पंचमी से अचला सप्तमी तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आने को देखते हुए जल, थल और नभ से कड़ी निगरानी की जाएगी।
झूंसी, अरैल और संगम क्षेत्र के सभी घाटों पर सुव्यवस्थित ढंग से स्नान संपन्न कराने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित घाटों और मार्गों का ही उपयोग करें और प्रशासन के जारी दिशा-निर्देशों का पालन कर सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित स्नान में सहयोग करें।
पांटून पुलों की व्यवस्था
परेड से झूंसी जाने के लिए : पांटून पुल-तीन, पांच और सात
झूंसी से परेड आने के लिए : पांटून पुल-चार और छह
पांटून पुल-एक और दो : आपात स्थिति के लिए आरक्षित
स्नान घाट प्रबंधन
अरैल क्षेत्र
पक्का घाट, अरैल, सेल्फी पाॅइंट, महाकाल आरती घाट, चक्र माधव घाट, सोमेश्वर महादेव घाट।
झूंसी क्षेत्र
संगम लोअर घाट, एरावत घाट, मोरी घाट, ओल्ड जीटी घाट, शिवाला घाट, दंडी बाड़ा घाट, आचार्य बाड़ा घाट, कल्पवासी घाट।
परेड संगम क्षेत्र
संगम नोज, संगम यमुनापट्टी घाट, संगम गंगापट्टी घाट, महावीर घाट (पश्चिमी), रामघाट, काली घाट, मोरी घाट, शिवाला घाट (पश्चिमी), दशाश्वमेध घाट, नागवासुकि घाट